स्कूल को मैदान बनाकर भूल गए जिम्मेदार कि यहां करना क्या है?

जबलपुर के एक शासकीय कन्या विद्यालय में एक साल बाद भी शुरू नहीं हो सका भवन निर्माण

 

By: shyam bihari

Updated: 24 Jul 2020, 08:47 PM IST

जबलपुर। नया स्कूल भवन बनाने का सपना दिखाकर जबलपुर शहर के जिम्मेदारों ने स्कूल को मैदान में तब्दील कर छोड़ दिया। करीब एक साल बीतने के बाद भी किसी ने सुध नहीं ली। मैदान में नए भवन के नाम पर एक पाया तक खड़ा नहीं हो सका। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चेरीताल में पढऩे वाली 500 से अधिक छात्राएं खुद के स्कूल भवन के लिए तरस रही हैं। छात्राओं के सामने मुश्किल खड़ी है कि यदि उन्हें पढऩा है तो दीक्षितपुरा जाना होगा। चेरीताल स्कूल में पढऩे वाली छात्राओं को दीक्षितपुरा स्कूल में बैठना होगा। वहां न तो बैठने की जगह है न ही पर्याप्त संख्या में फर्नीचर। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चेरीताल स्कूल की खुद की बिल्डिंग न होने के कारण प्रवेश देने में समस्या खड़ी हो रही है। कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक के लिए विभाग ने प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। दीक्षितपुरा स्कूल में न तो लैब है न ही एक्टीविटी के लिए जगह। ऐसे में अभिभावक अपनी बच्चों का प्रवेश दिलाने से कतरा रहे हैं।

जानकारों के अनुसार करीब तीन करोड़ से तीन मंजिला भवन का निर्माण किया जाना हैं। इसमें इसमें तीन विषयों की लैब, कॉमन रूम, डाईनिंग रूम, कम्प्यूटर लैब, स्टाफ रूम, प्रिंसिपल रूम, एक्टीविटी रूम अलग-अलग कक्षाओं के लिए बनाया जाना प्रस्तावित है। नगर निगम को कार्य एजेंसी बनाया गया है। करीब 9 माह पहले इसके लिए 3 करोड़ की राशि आवंटित कर दी गई लेकिन अब तक निगम काम शुरू नहीं करा सका है।

कमिश्नर ननि अनूप कुमार सिंह ने कहा कि इस संबंध में विभाग से जानकारी लेंगे किस कारण से अब तक काम शुरू नहीं हो सका है। कन्या उमावि चेरीताल के प्राचार्य पीके श्रीवास्तव ने कहा कि स्कूल खाली कर हमने निगम प्रशासन के हेंड ओवर कर दिया था। करीब एक साल होने को आए हैं लेकिन कोई काम शुरू नहीं हुआ। छात्राओं की पढ़ाई और प्रवेश प्रकिया भी प्रभावित हो रही है।

Show More
shyam bihari Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned