हक व हुकूक के लिए MP के सरकारी कर्मचारी लामबंद, आंदोलन का ऐलान

-चालू माह के अंतिम सप्ताह से शुरू होगा चरणबद्ध आंदोलन

By: Ajay Chaturvedi

Published: 21 Sep 2021, 01:14 PM IST

जबलपुर. अपना वाजिब हक पाने के लिए MP के सरकारी कर्मचारियों ने आंदोलन की घोषणा की है। चालू माह के अंतिम सप्ताह से उनका चरणबद्ध आंदोलन शुरू होगा।

इस संबंध में मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष प्रमोद तिवारी और प्रांतीय महामंत्री योगेंद्र दुबे ने कहा है कि राज्य कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों से 16 प्रतिशत कम मंहगाई भत्ता दिया जा रहा है। इतना ही नहीं 15 साल हो गए कर्मचारियों का आवास भत्ता नहीं बढ़ा। करीब साल भर बाद वेतन वृद्धि की घोषणा की गई लेकिन उसका एरियर भी नहीं दिया गया। ये प्रदेश के कर्मचारियों का शोषण नहीं तो और क्या है? कर्मचारी नेताओं ने कहा है कि रमेशचन्द्र शर्मा आयोग की अनुशंसा के बाद भी अब तक लिपिक संवर्ग की वेतन विसंगति दूर नहीं की गई। ऐसे में प्रदेश भर के सरकारी कर्मचारियो में आक्रोश है।

मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के जिला अध्यक्ष अटल उपाध्याय ने बताया कि सरकार के रवैये से आहत कर्मचारियों की समस्या के निदान के लिए आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया है। मोर्चा ने अपने इस निर्णय से सरकार को नोटिस दे कर अवगत करा दिया है। इस चरणबद्ध आंदोलन के तहत 28 सितंबर को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन विधायकों और अनुविभागीय अधिकारियों को सौंपा जाएगा। इसके बाद आठ अक्टूबर को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कलेक्टर को दिया जाएगा। फिर 22 अक्टूबर को सूबे की राजधानी भोपाल में एक दिवसीय धरना दिया जाएगा। इसके बाद भी बात नहीं बनी तो 28 और 29 अक्टूबर को सामूहिक अवकाश लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल की जाएगी।

संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय पदाधिकारियों के इस निर्णय का विश्वदीप पटेरिया, योगेश चौधरी,राम दुबे, प्रशांत सोंधिया, अजय दुबे, मुकेश चतुर्वेदी, संतोष मिश्रा, देव दोनेरिया, एस के वांदिल, यूएस करोसिया ,संजय गुजराल, योगेंद्र मिश्रा आदि ने समर्थन किया है।

उधर मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने अंशदान पेंशन योजना का विरोध करते हुए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की है। समिति के जिला अध्यक्ष राबर्ट मार्टिन ने बयान जारी कर बताया है कि कर्मचारियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना अभिशाप बन गई है। ऐसे में जल्द से जल्द राज्य में पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। समिति के इस निर्णय का दिनेश गौड़, चंद्रप्रकाश उसरेठे, हेमंत ठाकरे, एनोस विक्टर, विनोद सिंह, आसाराम झारिया, राजेश हरिया, शैलेश पंड्या, अजय मिश्रा आदि ने सर्वसम्मति से समर्थन किया है।

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