scriptMahadev mandir land worth 250 crore is now in the hands of government | 250 करोड़ वाली महादेव मंदिर शांति नगर की जमीन अब शासन के हाथ में | Patrika News

250 करोड़ वाली महादेव मंदिर शांति नगर की जमीन अब शासन के हाथ में

पंजीयक लोक न्यास और एसडीएम ने जारी किया आदेश, 250 करोड़ से ज्यादा है कीमत

 

जबलपुर

Updated: December 18, 2021 01:33:06 pm

जबलपुर। सम्पत्ति खुर्द-बुर्द करने की मिली शिकायतों की जांच के बाद महादेव मंदिर शांति नगर ट्रस्ट का प्रबंधन प्रशासन ने अपने हाथ में ले लिया है। एसडीएम अधारताल एवं पंजीयन लोक न्यास नम: शिवाय अरजरिया की ओर से शुक्रवार को इस सम्बंध में आदेश जारी किए गए।

Mahadev mandir
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खसरे में करें दर्ज
एसडीएम आधारताल एवं पंजीयक लोकन्यास ने महादेव मंदिर इस भूमि को अहस्तांतरणीय घोषित कर इसे खसरे में दर्ज करने के निर्देश भी दिए हैं। महादेव मंदिर ट्रस्ट की भूमि को खुर्द-बुर्द कि ए जाने की शिकायतें कलेक्टर कर्मवीर शर्मा से की गई थी। शर्मा ने इनकी जांच के लिए एसडीएम आधारताल अरजरिया सहित तीन सदस्यों की टीम गठित कर जांच कर उचित कार्यवाही के निर्देश दिये थे। समिति में जिला पंजीयक एवं जिला कोषालय अधिकारी भी शामिल थे।

Land lease

नए न्यासियों के दर्ज नहीं हुए नाम
अरजरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर की भूमि के खुर्द-बुर्द करने के अलावा भी ट्रस्ट की गतिविधियों की जांच में कई और अनियमितता पाई गई हैं। इनमें पूर्व न्यासियों की मृत्यु होने के बाद भी नए न्यासियों के नाम नहीं दर्ज करने, ट्रस्टी पन्नालाल प्रजापति की मृत्यु के बाद उनके पुत्रों दिनेश कुमार प्रजापति एवं रामकुमार प्रजापति का नाम बिना रजिस्ट्रार पब्लिक ट्रस्ट की बिना अनुमति को जोडऩा शामिल है।

प्रबंधन में लापरवाही
ट्रस्ट की बंधैया मोहल्ला शांतिनगर में 16 एकड़ एवं पनागर तहसील के ग्राम निमौरा में करीब 7 एकड़ भूमि है। इसमें शांति नगर की भूमि की अनुमानित कीमत करीब 250 करोड़ रुपए है। एसडीएम आधारताल एवं पंजीयक व लोक न्याय अरजरिया ने बताया कि जांच में पाया गया कि वर्ष 1958 में पब्लिक ट्रस्ट के रूप में दर्ज महादेव मंदिर ट्रस्ट द्वारा धारित संपत्तियों के प्रबंधन में लापरवाही बरती जा रही है। जानकारी के अनुसार ट्रस्टियों द्वारा मंदिर की बेशकीमती भूमि के दुव्र्ययन के प्रयासों के तहत महादेव मंदिर के यूको बैंक के खाते में हामिद हसन निवासी दक्षिण मिलौनीगंज से अलग-अलग तिथियों में कुल 92 लाख रुपए की राशि प्राप्त की गई थी। जबकि लोकन्यास अधिनियम के तहत 5 हजार रुपए से अधिक की कोई भी राशि रजिस्ट्रार पब्लिक ट्रस्ट की अनुमति के बगैर प्राप्त नहीं की जा सकती। मामले की जांच की जा रही है।

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