महाशिवरात्रि से पहले शिव पूजा का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त आज- देखें पंचांग

महाशिवरात्रि से पहले शिव पूजा का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त आज- देखें पंचांग

By: Lalit kostha

Published: 03 Mar 2019, 10:22 AM IST

जबलपुर। शुभ विक्रम संवत् : 2075, संवत्सर का नाम : विरोधकृत्, शाके संवत् : 1940, हिजरी संवत् : 1440, मु.मास: ज: उस्मानी 25, अयन : उत्तरायण, ऋतु : शिशिर, मास : फाल्गुन, पक्ष : कृष्ण, तिथि - दोपहर 2.10 तक भद्रा तिथि द्वादशी उपरांत त्रयोदशी रहेगी। भद्रा तिथि सामान्यत: मांगलिक कार्य हेतु शुभ मानी जाती है। वहीं त्रयोदशी तिथि मंगल कार्य हेतु मंगलकारी मानी जाती है। इन तिथियों में गृहारम्भ, ग्रहप्रवेश, विवाह, आभूषण निर्माण, देवस्थापन, तीर्थयात्रा तथा वेदारम्भ जैसे कार्य अत्यंत मंगलकारी माने जाते हैं।
योग- दोपहर 1.15 तक वरियान उपरांत परिधि योग रहेगा। दोनों ही नैसर्गिक योग शुभ तथा सुखद रहेंगे।
विशिष्ट योग- सर्वार्थ सिद्धि योग तथा त्रिपुष्कर योग एवं प्रदोष व्रत का सुखद संयोग रहेगा जो दैनिक कार्य हेतु शुभ रहेगा।
करण- सूर्योदय काल से तैतिल उपरांत गर तदनंतर वणिज करण का प्रवेश होगा। करण गणना सामान्य है।
नक्षत्र- धु्रवसंज्ञक अधोमुख नक्षत्र उत्तराषाढ़ प्रात: 9.38 तक उपरांत चरसंज्ञक नक्षत्र श्रवण नक्षत्र रहेगा। उत्तराषाढ़ नक्षत्र में श्रंगार, देवस्थापन, सम्मान, उपहार, ग्रहारम्भ, यात्रा, विवाह, व्यापारम्भ जैसे कार्य सम्पन्न किए जा सकते हैं। वहीं श्रवण नक्षत्र में पुष्टता, कारीगरी, शिल्प विद्या जैसे कार्य शुभ तथा अत्यंत मंगलकारी माने जाते हैं।

शुभ मुहूर्त - आज अनाज भंडारण, क्रय विक्रय, पौधरोपण, जलयंत्रनिर्माण, पशुपालन, खनिज सम्पदा, पठन पाठन, तीर्थयात्रा, देवदर्शन जैसे कार्यों हेतु दिन अनुकूल रहेगा।
श्रेष्ठ चौघडि़ए - आज प्रात: 9.00 से 12.00 लाभ, अमृत दोपहर 1.30 से 3.00 शुभ तथा रात्रि 6.00 से 9.00 शुभ तथा अमृत की चौघडिय़ा शुभ तथा मंगलकारी मानी जाती है।
व्रतोत्सव- आज : सर्वार्थ सिद्धि तथा त्रिपुष्कर योग के साथ प्रदोष व्रत का उत्तम संयोग रहेगा। भगवान शिव की आराधना परम कल्याणकारी रहेगी।
चन्द्रमा : दिवस रात्रि पर्यंत तक शनि प्रधान राशि मकर राशि में संचरण करेगा।

ग्रह राशि नक्षत्र परिवर्तन: सूर्य के कुम्भ राशि में गुरु वृश्चिक राशि में तथा शनि धनु राशि के साथ सभी ग्रह यथा राशि पर स्थित हैं। सूर्य का धनिष्ठा नक्षत्र में संचरण रहेगा।
दिशाशूल: आज का दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहता है। इस दिशा की व्यापारिक यात्रा को यथा सम्भव टालना हितकर है। चन्द्रमा का वास दक्षिण दिशा में है, सन्मुख एवं दाहिना चन्द्रमा शुभ माना जाता है।
राहुकाल: शाम 4.30.00 बजे से 6.00.00 बजे तक। (शुभ कार्य के लिए वर्जित)
आज जन्म लेने वाले बच्चे - आज जन्मे बालकों का नामाक्षर भे,भो,भू अक्षर से आरम्भ कर सकते हैं। उत्तराषाढ़ नक्षत्र में जन्मे बालकों की राशि मकर होगी। राशि स्वामी शनि तथा लौहपाद पाया में जन्म माना जाएगा। मकर राशि के जातक प्राय: सुन्दर सुशील, विनम्र, परोपकारी, दयालु, समाजसेवी, अधिक मित्र वाले, कलाप्रेमी, चतुर तथा निर्भीक स्वभाव के होते हैं। शिक्षा, कला अथवा स्वतंत्र व्यवसाय में सफल रहते हैं।

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Lalit kostha Desk
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