Sankranti snan: सूख गई नर्मदा, आचमन के लिए भी नहीं बचा पानी

Sankranti snan: सूख गई नर्मदा, आचमन के लिए भी नहीं बचा पानी

deepak deewan | Publish: Jan, 14 2018 08:29:29 AM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

नर्मदा की धार सिकुड़ गई है ओर कई प्रमुख तटों पर ही नर्मदा सूख चुकी है

जबलपुर. रेवा तटों का जल स्तर लगातार घट रहा है। नर्मदा की धार सिकुड़ गई है ओर कई प्रमुख तटों पर ही नर्मदा सूख चुकी है। नर्मदा के सूख जाने के कारण इन तटों पर श्रद्धालुओं को आचमन करने के लिए भी खतरनाक स्थलों पर जाना पड़ रहा था। इसे ध्यान में रखते हुए पावर हाउस में ज्यादा पानी छोडऩे का निर्णय किया गया है। मकर संक्रांति पर्व के मद्देनजर नर्मदा तटों का जलस्तर बढ़ाने के लिए बरगी डैम से १६ घंटे पानी छोड़ा जा रहा है।


इन घाटों पर बढ़ाया पानी
नर्मदा तटों का जलस्तर बढ़ाने के लिए बरगी डैम से १६ घंटे पानी छोडे जाने का फैसला कारगर साबित भी हुआ। इससे ग्वारीघाट, तिलवाराघाट, लम्हेटाघाट व भेड़ाघाट में नर्मदा का जलस्तर बढ़ गया है। गौरतलब है कि मकर संक्रांति पर नर्मदा तटों पर पुण्य डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है।


सुबह कम हो गया था जलस्तर-रगी डैम से शुक्रवार शाम को अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से नर्मदा तटों का जलस्तर बढ़ गया था, जो शनिवार सुबह कम हो गया। डैम कं ट्रोल रूम से दी गई जानकारी के अनुसार अब पावर हाउस में पानी छोडऩे की समय अवधि बढ़ा दी गई है।


पानी कम होने से बिगड़े हालात
इस बार नर्मदा नदी में पानी बहुत कम बचा है। बारिश नहीं होने से ये हालात बने हैं। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि नर्मदा के कई प्रमुख तटों पर बस नाममात्र का ही पानी बचा है। नर्मदा स्नान के लिए आते श्रद्धालु इससे निराश हो रहे हैं। प्रदूषण ने हाल और खराब कर दिए हैं। तटों पर बिखरी पूजन सामग्री के कारण प्रदूषित नर्मदा का पानी कई बीमारियों को जन्म दे रहा है।


ये है स्थिति
३५६७ क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है पावर हाउस से
२८३ क्यूसेक पानी एलबीसी नहर से छोड़ा जा रहा है
३५३ क्यूसेक पानी आरबीसी नहर में छोड़ा जा रहा है
४१९.६० मीटर है डैम को वर्तमान जल स्तर
४२२.७६ मीटर है बांध की अधिकतम जल स्तर की सीमा

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