एक फोन करो...बस पहुंच जाएगी शराब

एक फोन करो...बस पहुंच जाएगी शराब
शहर में दुकानों के अलावा भी शराब का अवैध कारोबार जोरों पर है। करीब आधा दर्जन दलाल एक फोन कॉल पर पसंदीदा ब्रांड मनचाही जगह पर पहुंचा रहे हैं।

Gyani Prasad | Publish: Jun, 06 2019 11:26:03 AM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

शहर में शराब दुकानों के समानांतर चल रहा गैर कानूनी धंधा, आधा दर्जन दलाल सक्रिय

 

 

जबलपुर@ज्ञानी रजक. शहर में दुकानों के अलावा भी शराब का अवैध कारोबार जोरों पर है। करीब आधा दर्जन दलाल एक फोन कॉल पर पसंदीदा ब्रांड मनचाही जगह पर पहुंचा रहे हैं। अभी तक इनकी पहुंच कुछ बड़े होटल, रेस्टॉरेंट और ढाबा तक थी। अब ये कमीशन पर घरों पर भी शराब पहुंचा रहे हैं। आलम यह है कि शहर में प्रतिदिन आठ से 10 लाख रुपए का शराब का अवैध कारोबार हो रहा है। आबकारी विभाग संदिग्ध शराब दुकानों की जांच के साथ दलालों पर भी नजर रख रहा है।

सूत्रों की मानें तो दलाल लाइसेंसी शराब दुकान संचालकों को करोबार बढ़ाने का लालच देकर एमआरपी से कम दाम पर शराब खरीदते हैं। यह इसलिए भी सम्भव है, क्योंकि लाइसेंसी शराब दुकान संचालक मिनिमम सेलिंग प्राइस (एमएसपी) और मैग्जीमम रिटेल प्राइज (एमआरपी) के बीच शराब बेचता है। दलाल दुकान से शराब लेकर कमीशन पर ग्राहकों को उपलब्ध कराते हैं।
इतनी मात्रा में ले सकते हैं

आबकारी नियमों के अनुसार लाइसेंसी शराब दुकान से एक व्यक्ति अधिकतम बीयर की 12 बोतल, चार बोतल व्हिस्की, छह बोतल वाइन और 4 बोतल रम खरीद सकता है। इससे अधिक के विक्रय का नियम नहीं है। लेकिन, दलालों के लिए कोई सीमा नहीं है।

टारगेट की आड़ में कालाबाजारी
शराब के अवैध कारोबार में दुकान संचालक और दलाल दोनों सक्रिय हैं। सूत्रों की मानें तो दलालों को रोजाना टारगेट पूरा करना होता है। इसलिए वे शराब दुकान संचालकों को धंधा तेज करवाने के लिए सौदा करते हैं।

यहां होती है कालाबाजारी : रसल चौक, सदर, ओमती, इंदिरा मार्केट, विजय नगर, और गोरखपुर क्षेत्र में शराब की कालाबाजारी अधिक होती है।

14 लाख की शराब जब्त

चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद से कुछ समय पहले तक पुलिस ने आबकारी विभाग के साथ मिलकर शराब के अवैध परिवहन और स्टॉक पर कार्रवाई की है। अभी तक करीब 14 लाख रुपए की शराब जब्त की गई है।

ये है स्थिति
- 143 शराब दुकानें हैं जिले में (92 देशी, 51 अंग्रेजी)

- 473 करोड़ रुपए ड्यूटी का है लक्ष्य इस साल।
- 1.30 करोड़ रुपए की शराब का विक्रय हो रहा प्रतिदिन

- 8-10 लाख रुपए का प्रतिदिन हो रहा अवैध कारोबार
- 06 दलाल चला रहे शराब का नेटवर्क

लाइसेंसी शराब दुकानों के अलावा भी अवैध विक्रय की जानकारी मिली है। इसमें कुछ लोग संलिप्त हैं। उनकी सूचना पुलिस को दी गई है। ऐसे शराब विक्रेताओं पर विभाग नजर रख रहा है।
दीपम रायचुरा, सहायक आयुक्त, आबकारी विभाग

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