प्रदेश के 1371 शिक्षकों की मास्टरी दावं पर !

प्रदेश के 1371 शिक्षकों की मास्टरी दावं पर !
Master of 1371 teachers of the state on claim

Mayank Kumar Sahu | Updated: 12 Oct 2019, 12:31:25 AM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

परीक्षा में हुए पास तो शिक्षकों की बचेगी ‘मास्टरी’, एक बार शिक्षकों को दिया संभलने का मौका, फिसड्डी शिक्षकों को विभाग ने खुद पढ़ाया, अब रिटर्न एग्जाम के माध्यम से लेगा परीक्षा, खरे उतरे तो ठीक वरना कार्रवाई

फैक्ट फाइल

जिले की स्थिति

-24 हाईस्कूलों का परिणाम 30 से नीचे

-9 हायर सेकेंडरी का परिणाम 35 से नीचे

-198 जिले के शिक्षकों का प्रदर्शन खराब

-200 जबलपुर संभाग के शिक्षक निशाने पर

प्रदेश की स्थिति

-5866 प्रदेश के शिक्षकों का प्रदर्शन खराब

-1371 प्रदेश के शिक्षक निशाने पर

दो माह चली ट्रेनिंग

-20 जुलाई से 25 सितंबर तक


जबलपुर।

फिसड्डी साबित हुए मसाबों को संभलने का एक मौका देने के बाद अब विभाग दोबारा इनकी पढ़ाई की योग्यता को परखने जा रहा है। यदि इस बार शिक्षक खरे नहीं उतरते हैं तो उन्हें स्कूलों से हटाया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने इसकी पुख्ता तैयारी कर ली है। ऐसे हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के शिक्षकों का इम्तिहान लेने जा रहा है जिसके माध्यम से विभाग यह परखेगा कि शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के काबिल हैं या नहीं। जबलपुर संभाग से करीब 200 शिक्षक जहां कटघरे में है तो वहीं प्रदेश भर से करीब 1371 शिक्षकों की मास्टरी दांव पर लगी है। परीक्षा और कठोर कार्रवाई के डर से शिक्षक सहमें हुए हैं। विदित हो कि यह परीक्षा 14 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी।

औसत से भी नीचे रहा बोर्ड परिणाम

विदित हो कि माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा के दौरान जिले के 24 हाईस्कूलों का परीक्षा परिणाम 5 से 30 फीसदी रहा है। इसी तरह 9 हायर सेकेंडरी स्कूलों का परिणाम 35 फीसदी के नीचे रहा है। परीक्षा परिणामों की कमजोर कड़ी में 198 शिक्षक सामने आए थे। इन शिक्षकों की जून में विभागीय परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा को लेकर शिक्षकों द्वारा दबाव भी बनाया गया।

23 फीसदी शिक्षक नहीं हो सके पास

प्रदेश में खराब परिणाम देने वाले 5866 शिक्षकों की प्रारंभिक परीक्षा ली गई थी। जिसमें 23 फीसदी शिक्षक परीक्षा में पास नहीं हो सके। अथार्त 1371 शिक्षक फेल हो गए। जबलपुर संभाग में करीब 1300 शिक्षकों में 200 शिक्षक फेल हो गए थे। जिसके बाद शिक्षकों में नाराजगी व्याप्त हो गई। विभाग ने इन्हें संभलने का एक मौका दिया और योग्यता बढ़ाने के लिए पढ़ाई भी करवाई गई।

अच्छा काम करने वाले प्रोत्साहित

एक बड़े अधिकारी का कहना है कि अच्छा काम करने वाले शिक्षक एवं प्राचार्यों को विभाग प्रोत्साहित कर रहा है। इन्हें तबादले में प्राथमिकता, मनचाही पदस्थापना, इंक्रीमेंट, प्राचार्यों को विदेश प्रवास में भी भेजा गया। जब विभाग लाखों रुपए इनपर खर्च कर रहा है तो फिर ऐसे शिक्षकों को हटाने से भी गुरेज नहीं करेगा। डिमोशन, सेवानिवृत्ति जैसी कार्रवाई भी परीक्षा में फेल होने वाले शिक्षकों को सेवानिवृत्ति या फिर उनका डिमोशन करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा शिक्षकों को जिले से बाहर भेजने, क्रमोन्नति रोक देने जैसे निर्णय लिए जा सकते हैं। स्कूलों में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए फिलहाल विभाग ने इन सभी पर विकल्प खुले रखे हैं।

-स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए विभाग बेहद गंभीर है। शिक्षकों की परीक्षा ली जा रही है कि वे बच्चों को पढ़ाने के काबिल हैं या नहीं। परीक्षा में फेल होने पर विभाग द्वारा कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह विभाग तय करेगा कि क्या प्रावधान किया जाए।

-जयश्री कियावत, कमिश्नर लोक शिक्षण संचालनालय

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