मेडिकल में चल रहा कोरोना ‘नेगटिव-पॉजीटिव’ का खेल!

भर्ती मरीजों में नगेटिव रिपोर्ट वाले भी, नहीं मिल रही स्वास्थ्य सुविधा

By: manoj Verma

Published: 12 Sep 2020, 11:24 PM IST

जबलपुर. कोरोना वायरस के संक्रमण का मेडिकल अस्पताल में मरीजों के बीच ‘नेगेटिव और पॉजीटिव’ होने का एेसा खेल चल रहा है, जिसमें मेडिकल प्रबंधन की कारगुजारी सामने आ गई है। अस्पताल के आईसोलेटेड वार्ड में कई एेसे मरीज भर्ती हैं जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में मरीजों ने चीख-चीख कर यह कहा है कि उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है फिर भी उन्हें भर्ती किया गया। इसमें युवा वर्ग से लेकर वयोवृद्ध भी शामिल हैं। मरीजों ने यह भी बताया है कि कोरोना मरीजों के लिए सरकार के द्वारा किए गए दावे-वादे फेल हो गए हैं, अस्पताल पहुंचने के बाद उन्हें किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं दी जा रही है।
नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के आईसोलेटेड वार्ड की हालत खराब है। सुविधाओं के अभाव में यहां भर्ती मरीज अस्पताल प्रबंधन की पोल खोल रहे हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर जारी हुए दो वीडियो में मरीजों ने इस बात का खुलासा है कि अस्पताल में उनकी कोई भी जांच नहीं की गई है। कोविड सेंटर से उन्हें पॉजीटिव बताया गया था, मैसेज नेगेटिव का भेजा गया है। अस्पताल में सेनेटाइजेशन, गर्म पानी आदि की कोई व्यवस्था नहीं है।

मरीजों के पास पॉजीटिव रिपोर्ट नहीं
वीडियों में सामूहिक रूप से मरीजों ने स्वीकार किया है कि उनके पास कोरोना पॉजीटिव की कोई रिपोर्ट नहीं है। सिर्फ मौखिक तौर पर उन्हें आईसोलेटेड वार्ड में ले लिया गया है। मेडिकल के वार्ड में आने के बाद मरीजों की कोई जांच नहीं हुई, उनके पास कोई चिकित्सा टीम भी नहीं पहुंची। भर्ती किए गए मरीजों को सेनेटाइजर या गर्म पानी भी नहीं मिल रहा है।

फोन पर पॉजीटिव, मैसेज नेगेटिव का
आईसोलेटेड वार्ड में महिलाओं ने वीडियो में कहा है कि उन्हें तीन दिन पहले फोन पर कोरोना पॉजीटिव होना बताया गया, जिससे वे अस्पताल में आकर भर्ती हो गईं। भर्ती हो जाने के बाद उनके मोबाइल पर मैसेज आया, जिसमें उन्हें नेगेटिव होना बताया गया है। महिला बच्चों को अकेला घर पर छोडक़र आई है, जहां बच्चों को मोहल्ले वाले तिरस्कार की दृष्टि से देख रहे हैं। एेसे हालात में महिलाएं संक्रमण को लेकर भ्रमित हो गई हैं।

बिना लक्षण के वृद्धा भर्ती
वार्ड में भर्ती एक वृद्ध महिला का कहना था कि उसे न तो सर्दी-खांसी हुई है और न ही बुखार आया है। इसके बाद भी उसे भर्ती होना पड़ा है। अस्पताल में कोई जांच नहीं की गई है। महिला के परिजनों को भी पता नहीं है कि वह कहां है।

आईसोलेटेड वार्ड में गर्म पानी के डिस्पेंसर लगा दिए गए हैं। सेनेटाइजर की कमी नहीं है। हम मरीजों को मास्क भी देते हैं। कोविड की रिपोर्ट संबंधी जानकारी नहीं है।
डॉ. संजय भारती, नोडल ऑफीसर, कोरोना सेंटर

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