आज ही कर लें जरूरी दवाओं की व्यवस्था, इस दिन बंद रहेंगी दुकानें

आज ही कर लें जरूरी दवाओं की व्यवस्था, इस दिन बंद रहेंगी दुकानें

Lalit kostha | Publish: Sep, 08 2018 12:47:49 PM (IST) | Updated: Sep, 08 2018 12:47:50 PM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

आज ही कर लें जरूरी दवाओं की व्यवस्था, इस दिन बंद रहेंगी दुकानें

जबलपुर। ये महीना शायद बंद और महाबंध को लेकर आया है। पहले बैंकों की हड़ताल, फिर सवर्ण समाज का महाबंध, अब कांग्रेस का 10 को बंद फिर महीने के अंत में दवा विक्रेताओं का बंद होना है। लगता है सभी को बंद से ही फायदा होने वाला है। हालांकि दवा विक्रेताओं का बंद उनकी अपनी निजी मांगों को लेकर है। ऑनलाइन दवा बिक्री रोकने की मांग को लेकर 28 सितम्बर को शहर में सभी दवा दुकानें बंद रहेंगी। अखिल भातरीय केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट ऑर्गनाइजेशन (एआइओसीडी) के राष्ट्रव्यापी बंद को जबलपुर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने समर्थन की घोषणा की है। ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में दवा कारोबारी 20 सितम्बर से काली पट्टी बांधकर दुकानों में कामकाज करेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के नाम सांसद को ज्ञापन सौंपा जाएगा। ऑनलाइन फॉर्मेसी की व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की जाएगी।

news fact- ऑनलाइन दवा बिक्री का विरोध
28 को बंद रहेंगी दवा दुकानें, केमिस्ट काली पट्टी बांधकर करेंगे काम

एसोसिएशन के सचिव डॉ. चंद्रेश जैन के अनुसार मुंबई में एआइओसीडी की बैठक में ऑनलाइन फॉर्मेसी के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय हुआ है। इसमें सभी प्रदेशों के एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में प्रधानमंत्री, कैबिनेट मंत्रियों, सांसदों और स्वास्थ्य अधिकारियों को ऑनलाइन दवा विक्रय के सम्बंध में पत्र भेजने पर सहमति बनी है। 20-27 सितम्बर तक केमिस्ट काली पट्टी बांधेंगे। सभी दवा कारोबारी 27 सितम्बर की मध्यरात्रि से 28 सितम्बर की मध्यरात्रि तक अपनी दुकान एक दिन के लिए बंद रखेंगे।

 

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यहां आयुष कॉलेजों में फिर हड़ताल की सुगबुगाहट
आयुष कॉलेजों में फिर से हड़ताल की सुगबुगाहट है। आयुर्वेद और होम्योपैथी कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने पिछले महीने करीब एक पखवाड़े तक धरना-प्रदर्शन किया था। वे मेडिकल कॉलेजों के छात्र-छात्राओं के बराबर स्टाइपेंड और खाली पदों पर आयुष चिकित्सकों की पीएससी से भर्ती शुरू करने की मांग कर रहे थे। विभागीय मंत्री और अधिकारियों के आश्वासन के बाद 23 अगस्त को आमरण अनशन समाप्त किया था।

आश्वासन पर अमल नहीं
सूत्रों के अनुसार छात्र-छात्राओं को एक सप्ताह के अंदर मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन, एक पखवाड़े बाद कार्रवाई शुरू नहीं हुई। आयुष मेडिकल एसोसिएशन के डॉ. राकेश पांडे के अनुसार मुख्यमंत्री एवं संचालनालय से मांग है कि शीघ्र ही स्टाइपेंड में बढ़ोतरी के आदेश जारी करें। पीएससी से मेडिकल ऑफीसर के पद आचार संहिता लगने के पूर्व विज्ञापित किए जाएं।

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