किसान के रजिस्ट्रेशन पर बिचौलियों ने बेच दी धान, अब होगी जांच

जिला प्रशासन बना रहा है जांच कमेटी

जबलपुर। धान खरीदी के लिए किसानों के रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी की जांच के लिए जल्द ही प्रशासन कमेटी बनाएगा। कमेटी की जांच के दायरे में जिले की सभी तहसीलें आ सकती हैं। यह कमेटी सभी खरीदी केंद्रों से दस्तावेज जुटाकर इस बात का पता लगाएगी कि जितने रजिस्ट्रेशन हुए उतनी संख्या में किसान खरीदी केंद्रों तक क्यों नहीं पहुंचे। यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या किसानों के रजिस्ट्रेशन पर बिचौलिया या व्यापारियों ने नया और पुराना धान का विक्रय किया है।

प्रभारी मंत्री ने जताई थी आशंका
जिले में 38 से 40 हजार के बीच किसानों ने धान की खरीदी के लिए रजिस्ट्रेशन कराए हैं। इसके मुकाबले कम किसान ही उपार्जन केंद्रों तक पहुंचे हैं। इसमें गड़बड़ी की आशंका होने की वजह से प्रभारी मंत्री प्रियव्रत सिंह ने जांच कमेटी के गठन का निर्देश दिया था। माना जा रहा है कि धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी होने पर जांच दल कार्रवाई शुरू करेगा।

फर्जी रजिस्ट्रेशन की शिकायत
प्रशासन को कुछ शिकायतें मिली हैं कि रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़ा किया गया है। सूत्रों ने बताया कि बिचौलिये और कुछ व्यापारी ऐसे हैं जो इस बात की तस्दीक करते रहते हैं कि किस किसान के पास जितनी उपज उसने दर्ज कराई है, उसके पास उतनी नहीं है। ऐसे में वह अपनी पुरानी धान तक बेच देता है। इसी प्रकार दूसरे किसानों से सस्ती दरों में इसका क्रय कर खरीदी केंद्रों में लाकर उसे शासन के समर्थन मूल्य पर बेच देता है।

जितनी संख्या में खरीदी केंद्रों पर रजिस्ट्रेशन हुए हैं, उतने किसान नहीं आए हैं। जांच में पता लगाया जाएगा कि ऐसा क्यों हुआ। कहीं फर्जी रजिस्ट्रेशन तो नहीं हुए। इसी तरह व्यापारियों की संलिप्तता का पता भी लगाएंगे।
-एमएनएच खान, जिला आपूर्ति नियंत्रक

reetesh pyasi Desk
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