एससीएसटी एक्ट पर मप्र हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सुनवाई पर रोक

एससीएसटी एक्ट पर मप्र हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सुनवाई पर रोक

Lalit kostha | Publish: Sep, 07 2018 10:19:38 AM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

एससीएसटी एक्ट पर मप्र हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सुनवाई पर रोक

 

जबलपुर. पूरे देश में एससीएसटी एक्ट का विरोध अपने चरम पर है। सवर्ण और सामान्य जातियों का विरोध है कि बिना सुनवाई और जांच के सीधे मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजना न्याय संगत नहीं है। इसके बाद सरकार के खिलाफ भी जनता का आक्रोश देखते ही बन रहा है। गुरुवार को भारत बंद का सफल आयोजन कर सामान्य जातियों ने भी बता दिया कि वे अब चुप बैठने वाली नहीं हैं। सभी का कहना है इस कानून का दुरुपयोग ज्यादा हो रहा है। जो कि सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है। एक ऐसे ही मामले में मप्र हाईकोर्ट ने अहम फैसला देते हुए सुनवाई पर रोक लगा दी है।


ये है मामला-

news fact- गोटेगांव सीएमओ पर दर्ज एससीएसटी एक्ट के प्रकरण की सुनवाई स्थगित
महिला क्लर्क ने दर्ज कराई थी एफआईआर

गोटेगांव नगर परिषद के प्रभारी सीएमओ आरपी शुक्ला की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि शिकायतकर्ता महिला की नियुक्ति 2006 में एलडीसी के पद पर नगर परिषद द्वारा संचालित इंदिरा उच्चतर माध्यमिक शाला में हुई थी। राजनीतिक संरक्षण की वजह से महिला नगर परिषद में लंबे समय से अटैच दी थी। इंदिरा उच्चतर माध्यमिक शाला के प्राचार्य के आवेदन पर उसका ट्रांसफर वापस स्कूल में किया गया। प्रभारी सीएमओ के पद पर रहते हुए याचिकाकर्ता ने महिला क्लर्क को रिलीव कर दिया था। क्षुब्ध होकर शिकायतकर्ता ने आवेदक के खिलाफ 30 दिसंबर 2015 को जातिगत रूप से अपमानित करने की रिपोर्ट गोटेगांव थाने में की।


नगर परिषद अध्यक्ष व पार्षदों ने पुलिस को बताया कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई । इसके बावजूद भी पुलिस ने एक साल बाद 28 अगस्त 2016 को मामला दर्ज कर लिया। आवेदक की ओर से अधिवक्ता प्रवीण पांडे ने तर्क दिया कि शिकायकर्ता महिला ने झूठी शिकायत की। आवेदक के वह पहले भी दो लोगों के खिलाफ एससीएसटी एक्ट के तहत शिकायत कर चुकी है। प्रारंभिक सुनवाई के बाद बेंच ने निचली अदालत में याचिकाकर्ता के खिलाफ लंबित मामले की आगे सुनवाई पर रोक लगा दी।

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