मोखा ने कबूला, बोला नष्ट किए थे नकली रेमडेसिविर, डाटा भी कराया डिलीट

नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन खपाने का मामला
मोखा को देर रात सिटी अस्पताल और घर ले गई पुलिस, जुटाए सबूत

 

By: Lalit kostha

Published: 28 May 2021, 01:41 PM IST

जबलपुर। गुजरात से आए नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन खपाने के मामले का मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह मोखा से गुरुवार को एसआइटी ने सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया। उसने यह बात कबूली की गुजरात में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की फैक्ट्री पकड़े जाने की जानकारी लगते ही उसने अस्पताल की मैनेजर सोनिया खत्री शुक्ल और पत्नी जसमीत मोखा के जरिए नौकरों से नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन नष्ट कराए थे। मोखा और उसके बेटे हरकरण को एसआइटी ने आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। मोखा ने बेटे के माध्यम से फर्जी आईडी के जरिए इंदौर से नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बुलाने की बात भी कबूली।

मोखा का मोबाइल अब तक नहीं मिला
मोखा को पुलिस रिमांड पर लेने के बाद एसआइटी ने सबसे पहले उसके मोबाइल फोन के संबंध में पूछताछ की। एसआइटी के अनुसार मोबाइल फोन में भी नकली रेमडेसिविर से जुड़े कई साक्ष्य हो सकते हैं। मोखा का कहना है कि 11 मई को जिस वक्त उसे अस्पताल से गिरफ्तार किया गया, उस वक्त अस्पताल में ही उसका मोबाइल फोन छूट गया था। अब मोखा के मोबाइल फोन की तलाश के लिए अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जाएगा।

 

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स्पॉट वेरीफीकेशन कराया
गुरुवार देर रात एसआइटी मोखा को लेकर सिटी अस्पताल और उसके घर पहुंची। अस्पताल में उन स्थानों का वेरीफीकेशन मोखा की निशानदेही पर किया गया, जहां नकली रेमडेविर इंजेक्शन रखे गए थे। उस कंप्यूटर की पहचान कराई गई, जिससे नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की जानकारी डिलीट कराई गई। इसके बाद पुलिस उसे उसके घर ले गई, जहां उसने व जसमीत ने नकली रेमडेसिविर इंजेक्शनों को नष्ट करने और रिकॉर्ड को जलाने का काम किया था।

देवेश के बैंक एकाउंट की जानकारी मांगी
एसआईटी ने देवेश के बैंक अकाउंट की जानकारी भी अस्पताल से मांगी। जिसके बाद देवेश के बैंक अकाउंट के संबंध में बैंक को पत्र लिखकर पिछले एक साल में अकाउंट में हुए सभी ट्रांजक्शन की जानकारी मांगी गई है।

आठ माह पहले भगवती फार्मा से जुड़ा मोखा
एसआइटी की जांच में खुलासा हुआ कि अस्पताल के फार्मासिस्ट देवेश चौरसिया ने मोखा को सिविक सेंटर स्थित सपन जैन की भगवती फार्मा से व्यापार करने के लिए कहा था। इसके बाद लगभग आठ माह पूर्व से ही भगवती फार्मा से सिटी अस्पताल ने दवाएं व अन्य चीजें लेनी शुरू की थीं।

हरकरण की रिमांड आज होगी खत्म
सरबजीत सिंह मोखा के बेटे हरकरण को एसआइटी ने 24 मई को कोर्ट परिसर से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसे 25 मई को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया था। हरकरण की रिमांड शुक्रवार को खत्म होगी। उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।

बॉबी मनचंदा और संजू खत्री से होगी पूछताछ
एसआइटी की पूछताछ में हरकरण ने बॉबी मनचंदा और संजू खत्री का नाम उगला था। बताया था कि दोनों उसके राजदार है। दोनों के नाम सामने आने के बाद पुलिस ने बॉबी मनचंदा की जांच की, तो पता चला कि वह इम्पोटेड माल बेचता है। उसका स्पा का भी धंधा है। एसआइटी को संदेह है कि बॉबी दो नंबर का इम्पोटेड माल शहर में बेचता था। हरकरण उसके स्पा भी जाता था। संजू खत्री के बारे में एसआईटी को पता चला कि वह क्रिकेट के सट्टे का धंधा करता है और हरकरण उसके पास क्रिकेट का सट्टा खेलता था। एसआइटी दोनों को तलब कर पूछताछ करेगी।

नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में सिटी अस्पताल के डायरेक्टर सरबजीत मोखा और उसके बेटे हरकरण से पूछताछ अहम सुराग मिले हैं।
- सिद्धार्थ बहुगुणा, एसपी

Lalit kostha Desk
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