सोनिया अटेंड करती थी मोखा के ऑफिशियल कॉल, घर से मोबाइल जब्त

नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामला
मोखा का पर्सलन फोन अब तक नहीं लगा एसआइटी के हाथ

By: Lalit kostha

Published: 15 Jun 2021, 04:32 PM IST

जबलपुर। गुजरात से आए नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन खपाने के मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह मोखा के ऑफिशियल कॉल अस्पताल की मैनेजर सोनिया खत्री शुक्ल अटैंड करती थी। मोखा इस मोबाइल नंबर का उपयोग अस्पताल से जुड़े कामों के लिए करता था। एसआइटी ने सोनिया से इस संबंध में पूछताछ की। जिसके बाद इस फोन को जब्त किया गया। लेकिन मोखा का पर्सलन फोन अब तक एसआइटी के हाथ नहीं लग सका है।

जांच में खुलासा
सोनिया को एसआइटी जब भी पूछताछ के लिए बुलाती थी, तो वह केवल एक फोन लेकर थाने जाती थी। एसआइटी को पता चला कि सोनिया दो मोबाइल फोन उपयोग करती है। इसमें से एक फोन का उपयोग बतौर मोखा की पीए के रूप में किया जाता था।

घर में छिपा कर रखा था
पूछताछ के दौरान सोनिया ने एसआइटी को बताया कि दूसरा फोन उसने अपने घर पर छिपाया है। टीम ने सोनिया के घर पर दबिश दी और दूसरा फोन जब्त किया। सोनिया के घर की भी बारीकी से तलाशी ली गई है।

 

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गुजरात के मोरबी कोर्ट में आवेदन, आज मिल सकते हैं आरोपी
एसआइटी की टीम सोमवार दोपहर गुजरात के मोरबी जिले पहुंची। जिसके बाद टीम ने न्यायालय में आवेदन किया। आवेदन के जरिए भगवती फार्मा के संचालक सपन जैन, इंदौर में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शनों की डिलेवरी देने वाले रीवा निवासी सुनील मिश्रा और नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की फैक्ट्री संचालित करने वाले कौशल वोरा की रिमांड मांगी। जानकारी के अनुसार मंगलवार को न्यायालय में सुनवाई होगी, जिसके बाद कोर्ट आरोपियों को जबलपुर एसआइटी के सुपुर्द करने के आदेश दे सकती है। मंगलवार देर शाम तक टीम तीनों आरोपियों को लेकर जबलपुर के लिए रवाना हो सकती है।

सपन के घर और भगवती फार्मा की होगी जांच
सपन को पुलिस रिमांड पर लेने के बाद एसआइटी पहले तो उससे नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के मामले में पूछताछ करेगी और फिर मामले में कई तरह के रिक्रिएशन कराए जाएंगे। पुलिस टीम सपन की निशानदेही पर उसके घर और भगवती फार्मा की भी जांच कर सकती है।

Lalit kostha Desk
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