बारिश का कहर, यहां बिगड़ सकते हैं हालात- see video

बारिश का कहर, यहां बिगड़ सकते हैं हालात- see video

Lalit Kumar Kosta | Publish: Sep, 05 2018 09:49:30 AM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

बारिश का कहर, यहां बिगड़ सकते हैं हालात

जबलपुर। पिछले चार दिनों से बादलों ने डेरा डाल रखा है, लेकिन बरसे नहीं। बुधवार सुबह 6 बजे से झमाझम बारिश का दौर शुरू हुआ जो 8 बजे तक जारी रहा। इसके बाद रिमझिम बारिश रुक-रुककर हो रही है। दोपहर तक तेज बारिश की संभावना जताई जा रही है।

news fact- बादलों का डेरा, तापमान गिरा
बंगाल की खाड़ी में बन रहा बारिश का नया सिस्टम

मौसम विभाग के अनुसार बादलों से आसमान ढका हुआ है। धूप नहीं होने से तापमान में गिरावट आई है। सुबह-शाम ठंडक का अहसास हो रहा है। शहर में मंगलवार को बारिश नहीं हुई। देर शाम छाए बादलों से बारिश होने की उम्मीद जगी लेकिन, बादल उड़ गए। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून के वर्तमान सिस्टम में अच्छी बारिश का अनुमान नहीं है। शहर के कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है।

बंगाल की खाड़ी में पांच सितम्बर को नया सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है। इस सिस्टम के बाद अच्छी बारिश शुरू हो सकती है। सीजन की कुल बारिश 994.7 मिमी हो चुकी है। जबकि पिछले वर्ष 4 सितम्बर तक 785.9 मिमी बारिश हुई थी। अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 28.6 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की आद्र्रता 90 और शाम की आद्र्रता 77 प्रतिशत रही। पश्चिमी हवा की औसत रफ्तार 5 किमी प्रति घंटा रही। मौसम विभाग के वैज्ञानिक सहायक आरके दत्ता ने बताया, पूर्वी मप्र के जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी का अनुमान है।

बरगी डैम में जितना आ रहा उतना ही छोड़ रहे पानी
कैचमेंट क्षेत्र में बारिश थमने के बाद बरगी डैम में पानी की आवक कम हो गई है। हालांकि, डैम का जलस्तर सुरक्षित सीमा तक बनाए रखने के लिए पांच गेट से पानी की निकासी जारी है। फिलहाल पानी की आवक-जावक बराबर हो गई है। डैम की अधिकतम जल संग्रहण क्षमता के मुकाबले जल स्तर .16 मीटर कम है।

यह है स्थिति
422.60 मीटर मौजूदा जलस्तर
602 क्यूमेक पानी की आवक
602 क्यूमेक पानी की निकासी
05 गेट खुले हैं आधा मीटर

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