ई-पास के लिए रोज तनातनी, भटक रहे दूसरे प्रदेश के लोग

ई-पास के लिए 8 हजार से ज्यादा आवेदन आए

 

By: prashant gadgil

Published: 05 May 2020, 01:05 AM IST

जबलपुर . शहर से दूसरे प्रदेश एवं जिलों में जाने वाले लोग ई-पास के लिए भटक रहे हैं। भले प्रदेश सरकार ने ई-पास देना आसान कर दिया है लेकिन उन्हें आसानी से यह पास नहीं मिल पा रहे हैं। इस कारण न केवल कामकाजी लोग बल्कि मजदूर और विद्यार्थी भी फंसे हुए हैं। कलेक्टर कार्यालय में रोजाना 100 से 150 लोग अपनी पास की स्थिति जानने के लिए आते हैं। सोमवार को भी उत्तरप्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के लोग भटकते रहे।
जिले में ई पास के लिए 8 हजार से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। लेकिन जारी होने वाले पास की संख्या सीमित है। यह करीब 600 है। कोलकाता निवासी आनंद का कहना था कि कोरोना का कंटेनमेंट जोन होने के कारण सराफा क्षेत्र सील है। कोलकाता और पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जिलों से करीब 2 हजार मजदूर आभूषण से जुड़े कार्य करते हैं। उनमें से 200 लोग वापस जाना चाहते हैं। तीन दिनों से भटक रहे हैं। उन्हें हिंदी ठीक से नहीं आती ऐसे में पोर्टल पर आवेदन करने में भी दिक्कत आ रही है। सामाजिक कार्यकर्ता यासमीन महमूद ने बताया कि उत्तप्रदेश और बिहार के 200 से ज्यादा लोग यहां फंंसे हैं। दोनों टाइम आकर आवेदन कर रहे हैं। आनलाइन फॉर्म भरते हैं, जब तक ओटीपी आते हैं तब तक पोर्टल बंद हो जाता है। इस काम के लिए एक व्यवस्था बनानी चाहिए। गौरव मिश्रा ने बताया कि वह प्राइवेट फर्म में काम करते हैं। वह उत्तर प्रदेश जाना चाहते हैं। 50 से 60 लोगों की सूची प्रशासन को दी है। लेकिन अभी अनुमति नहीं मिली। कलेक्टर कार्यालय आते हैं तो पुलिसकर्मी उनसे सीधे बात नहीं करते।

prashant gadgil Desk
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