Cannon in india: भारत ने बनाई दुनिया की सबसे खतरनाक तोप, चीन से लेकर अमेरिका तक मचा हड़कंप !

दुश्मनों को खत्म करता है 'धनुष'...

By: Ashtha Awasthi

Published: 10 Feb 2018, 05:13 PM IST

जबलपुर। देश की शान कहे जाने वाले और इंडियन आर्मी की सबसे बड़ी ताकत 'धनुष' हर देशवासी को खुद में गर्व की अनुभूति करवाती है। वर्तमान में देश के पास 'धनुष' है जो जो दुश्मनों को खत्म करने के साथ-साथ भारतीय सेना के जवानों की रक्षक भी बनी हुई है। संस्कारधानी में धनुष का निर्माण एवं इसके पार्ट बनने के कारण जहां एक ओर यह शहरवासियों के लिए गर्व की अनुभूति कराता है वहीं दूसरी ओर देश के लिए भी यह गौरव की बात भी है। युद्ध स्तर पर 'धनुष' जिस तरह से दुश्मनों के परखच्चे उड़ाता है, इस बात का अंदाजा लोगों को धनुष के डेमोंस्ट्रेशन के दौरान दिखाई दिया है।

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देखने को मिली 'धनुष' की कार्यप्रणाली

देश की ताकत 'धनुष' की कार्यप्रणाली को देखकर लोगों ने अंदाजा लगाया कि भारतीय सेना के पास दुश्मनों को मार गिराने की कितनी बड़ी ताकत उपलब्ध है। दरअसल खमरिया स्थित सुभाष ग्राउंड में शहर की चारों फैक्ट्रियां यानी कि आयुध निर्माणी खमरिया, जीआईएफ, व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर आदि के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों को जहां कई तरह की बंदूकों को देखने का मौका मिला, वहीं दूसरी ओर 'धनुष' जैसी महाशक्ति की कार्यप्रणाली को देखने का भी मौका मिला ।

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360 डिग्री एंगल में धूम जाता है 'धनुष'

'धनुष' की कार्यप्रणाली के दौरान देखा गया कि ये 360 डिग्री एंगल में काफी तेजी से लगातार घूम सकता है। इसके पिछले हिस्से में एक से डेढ़ फीट का उठाव होता है जो लगातार इसके घूमने में मदद करता है। इतना ही नहीं इसकी ऑटो बारूद लोडिंग टेक्नोलॉजी इसे बोफोर्स जैसी तोप से भी अलग बताती है। धनुष्य सी टेक्नोलॉजी वर्तमान में स्वीडन और फ्रांस के देशों के पास भी नहीं है। इसकी कैलिबर 155 mm है जो कि 30 सेकेंड में 3 बार लगातार फायर करता है।

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40 किमी पर साधेगी निशाना

धनुष तोप बोफोर्स का अपग्रेड वर्जन है। इसकी मारक क्षमता बढ़ाई गई है। तोप से 40 किमी दूरी तक निशाना साधा जा सकता है। फैक्ट्री ने इस तोप के 8 से अधिक प्रोटोटाइप तैयार कर सेना को सौंपे हैं। इसका कई जगहों पर परीक्षण भी किया जा चुका है। सूत्रों के मुताबिक अहमदनगर स्थित अनुसंधान एवं विकास स्थापना (वीआरडीई) में जीसीएफ के द्वारा इंटरनल ट्रायल के तहत इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की जांच कराई जा रही है।

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यहां बनते हैं धनुष तोप से लेकर टारपीडो

धनुष तोप और टारपीडो का आपात स्थिति में उत्पादन तेज कर दिया जाता है। देश की 41 आयुध निर्माणियों में से चार शहर में हैं। इनमें 200 से अधिक तरह के सैन्य साजो-सामान का उत्पादन किया जाता है। 1965, 1971 और 1999 की लड़ाई में इनकी जबर्दस्त भूमिका रही। कुछ प्रमुख उत्पादों की बड़ी विशेषता है।

ग्रे आयरन फाउंड्री: एरियल बम और हैंड ग्रेनेड की बॉडी व एमुनेशन बॉक्स के अलावा दूसरे कलपुर्जे ढाले जाते हैं।

506 आर्मी बेस वर्कशॉप

देश के अंदर बोफोर्स तोप की मरम्मत के लिए यही एकमात्र जगह है। विशेषज्ञ कर्मचारियों द्वारा इसका रखरखाव किया जाता है। इसी तरह एके-47 गन की रिपेयरिंग भी यहीं होती है।

ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया: वायु सेना

1000 एमबीएस- थाउजेंड पाउंडर नाम का यह बम बड़ी इमारत, कंक्रीट के ब्रिज, पहाड़ को इससे उड़ाया जा सकता है। 15 हजार मीटर ऊंचाई से एयरक्राफ्ट से गिराने पर भूकंप की तरह झटका लगता है। जमीन में बड़ा गड्ढा हो जाता है।

एरियल बम- 100-120 किग्रा वजनी इस बम का इस्तेमाल रेलवे जंक्शन, एयरबेस और बंकर्स ध्वस्त करने में किया जाता है। इसे मिग 21, 27 और 29 से दागा जाता है।

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