कोरोना से जंग: मप्र में पहली बार बनाया इनफ्लैटेबल स्ट्रक्चर मटेरियल से स्पेशल कोविड वार्ड - देखें वीडियो

मेडिकल में 20 बिस्तरों का खास कोविड वार्ड तीन दिन में होगा शुरू

 

By: Lalit kostha

Published: 02 May 2021, 02:57 PM IST

जबलपुर/ अस्पतालों में बिस्तर खाली नहीं होने से भटक रहे कोरोना मरीजों के लिए नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में 20 बिस्तर का अस्थाई कोविड वार्ड बनाया जा रहा है। इनफ्लैटेबल स्ट्रक्चर मटेरियल से बने इस प्री मेड वार्ड को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पलमोनरी मेडिसिन की पार्किंग में स्थापित किया जा रहा है। टेंटानुमा एसी युक्तइस वार्ड को तीन दिन में चिकित्सा के लिए तैयार कर लिया जाएगा। इसमें संक्रमित के चिकित्सा सम्बंधी अत्यावश्यक और आधुनिक सुविधाएं रहेंगी। तीन दिन में मरीजों को भर्ती करके उपचार शुरूकरने की तैयारी है। खास बात ये है कि इस वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए वहीं ऑक्सीजन भी तैयार होगी। इसके लिए वार्ड के साथ ही एक एयर सेपरेशन यूनिट रहती है। वेंटीलेटर सहित अन्य आपातकालीन सुविधाओं से वार्ड लैस रहेगा। अपनी तरह के इस खास चिकित्सा सुविधाओं वाले वार्ड को प्रदेश में सबसे पहले शहर में उपयोग में लाने का निर्णय हुआ है।

प्रयोग सफल रहा तो बढ़ेगा उपयोग
इनफ्लैटेबल स्ट्रक्चर मटेरियल से तैयार यह एक पोर्टेबल प्रीमेड वार्ड है। हवा भरते ही इसकी टेंटनुमा आकृति आकार ले लेती है, जो बाहर से टेंट की तरह होता है। अंदर कुछ इंटीरियर और चिकित्सा उपकरण रखते ही मिनी अस्पताल में बदल जाता है। इस चिकित्सा वार्ड की टेंट सहित पूरी सामग्री एक मिनी ट्रक में आ जाती है। पोर्टेबल होने के कारण इसे खोलकर एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाना आसान होता है। बिजली-पानी उपलब्ध होने पर 36 से 72 घंटे के अंदर इस वार्ड को बनाकर मरीजों को भर्ती किया जा सकता है।

 

बिजली पहुंची, पानी आते ही करेगा काम शुरू
निजी एजेंसी ने प्रीमेड वार्ड का स्ट्रक्चर शनिवार को खड़ा कर दिया है। रविवार को इंटीरियर होगा। संसाधन इंस्टॉल किए जाएंगे। सोमवार को तक अस्थाई कोविड वार्ड तैयार होने का दावा है। चिकित्सकीय स्टाफ भी तय कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि वार्ड को विद्युत आपूर्ति के लिए शनिवार को ही बिजली कम्पनी ने लाइन बिछाकर कार्य पूरा कर दिया है। पीडब्ल्यूडी को पानी की आपूर्ति व्यवस्था करना है। ये काम दो दिन के अंदर पूरा होने पर मंगलवार से अस्थाई कोविड वार्ड में कोरोना के गम्भीर मरीजों को भर्ती करके उपचार प्रारंभ कर दिया जाएगा।

अस्थाई कोविड वार्ड
89.65 लाख रुपए की लागत
20 बिस्तर होंगे मरीज के लिए
03 दिन में बनकर तैयार होगा

स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आधुनिक प्रीमेड वार्ड स्थापित हो रहा है। इसमें गम्भीर कोरोना मरीजों के उपचार की सुविधा है। प्रदेश में अभी सिर्फ शहर को ही इस वार्ड के उपयोग के लिए चुना गया है। इसे एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित करना आसान होता है। ज्यादा संक्रमित सुदूर क्षेत्रों में उपचार के लिए यह वार्ड कारगार हो सकते हैं। प्रयास है कि तीन दिन में वार्ड तैयार हो जाए और गम्भीर कोरोना मरीजों को भर्ती करके उपचार शुरू कर दें।
डॉ. पीके कसार, अधिष्ठाता, नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज

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Lalit kostha Desk
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