scriptMP government take Big decision of Home guards, will be no call off | मप्र सरकार का बड़ा फैसला, होमगार्ड को मिलेगा बकाया वेतन, नहीं होंगे कॉल ऑफ | Patrika News

मप्र सरकार का बड़ा फैसला, होमगार्ड को मिलेगा बकाया वेतन, नहीं होंगे कॉल ऑफ

मप्र सरकार का बड़ा फैसला, होमगार्ड को मिलेगा बकाया वेतन, नहीं होंगे कॉल ऑफ

 

जबलपुर

Published: December 18, 2021 11:53:27 am

जबलपुर। हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से अभिवचन दिया गया कि लम्बित याचिकाओं के निराकरण तक होमगार्ड सैनिकों को कॉल ऑफ नहीं किया जाएगा। उन्हें पूरे साल काम दिया जाएगा। साथ ही जिन्हें पूर्व में दो माह के लिए कॉल ऑफ किया गया था, उन्हें उस अवधि का बकाया वेतन भी दिया जाएगा। जवाब को रिकॉर्ड पर लेकर चीफ जस्टिस रवि मलिमठ व जस्टिस विजय शुक्ला की खंडपीठ ने इस सम्बन्ध में दायर अवमानना याचिकाओं का पटाक्षेप कर दिया।

home guard appointment
Home guard demo pic

हाईकोर्ट में सरकार ने दिया जवाब, अवमानना याचिकाओं का पटाक्षेप
होमगाड्र्स को अब दो माह के लिए नहीं किया जाएगा ‘कॉल ऑफ’

योगेश बनवारी सहित अन्य होमगार्ड सैनिकों की ओर से ये अवमानना याचिकाएं दायर की गई थीं। अधिवक्ता विकास महावर व अंजली बैनर्जी ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 2010 में होमगार्डस कर्मचारियों द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर नियमितीकरण, आरक्षकों के समान वेतन, पूरे वर्ष कार्य प्रदान करने की प्रार्थना की गई थी। 2011 में हाईकोर्ट ने आंशिक रूप से याचिकाएं स्वीकार कर राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि होमगार्डस की सेवा नियम बनाये जाएं एवं उन्हें पूरे वर्ष कार्य पर रखा जाए। इस आदेश को सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के आदेश को यथावत रखा। तर्क दिया गया कि इसके बावजूद सरकार ने 2016 में नियम बनाए और आदेश के विपरीत पुन: वर्ष में 2 माह का बाध्य काल ऑफ का प्रावधान रख दिया। हाईकोर्ट के स्थगन के बावजूद विभाग ने सैनिकों को दो माह का कॉल ऑफ दे दिया और वर्ष में केवल दस माह ही कार्य कराया। इसे लेकर कई याचिकाएं हाईकोर्ट में लंबित हैं।

वर्ष 2020 में हाईकोर्ट ने विभाग के आदेश पर स्टे कर दिया। इसके बावजूद विभाग ने आदेश का पालन नही किया तो ये अवमानना याचिकाएं प्रस्तुत की गईं। सुनवाई के बाद सरकार के जवाब के आधार पर कोर्ट ने याचिकाएं निराकृत कर दीं।

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