हाईकोर्ट ने कराई 12वीं बोर्ड की कॉपी की जांच, सामने आयी ये बड़ी गड़बड़ी

छात्रा के 44 से बढ़कर हो गए 63 नंबर

By: deepankar roy

Published: 08 Feb 2018, 12:29 PM IST

जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा कराई गई जांच में हायर सेकेंडरी की उत्तर पुस्तिका की जांच में बड़ी गड़बड़ी सामने आयी है। माध्यमिक शिक्षा मंडल की इस लापरवाही के चलते विशेष योग्यता से पास होने वाली एक छात्रा के एक विषय के नंबर घटकर आधे रह गए। छात्रा ने कम नंबर मिलने पर हाईकोर्ट में उत्तर पुस्तिका की दोबारा जांच के लिए गुहार लगाई। हाईकोर्ट के आदेश पर जब कॉपी की दोबारा जांच हुई तो संबंधित विषय में छात्रा के नंबर बढ़कर प्रथम श्रेणी के दायरे में आ गए।

मंडला की छात्रा की याचिका
मंडला की महाराजपुर निवासी छात्रा उर्वशी राय की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि उसने २०१६-१७ में बारहवीं की परीक्षा दी। उसे तीन विषयों में विशेष योग्यता मिली, लेकिन राजनीति शास्त्र में अपेक्षा से कम महज ४४ अंक प्राप्त हुए। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया कि पुनर्मल्यांकन के आवेदन पर भी उसके प्राप्तांक में कोई बदलाव नहीं हुआ, इसलिए उत्तर पुस्तिका की जांच कोर्ट के निर्दंेशन में कराई जाए। जांच के बाद मंडल ने रिपोर्ट पेश कर बताया कि याचिकाकर्ता के अंक ६३ हो गए हैं।

19 नंबर बढ़ गए
याचिकाकर्ता छात्रा मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल की वर्ष 2016-17 की 12वीं की परीक्षा में शामिल हुई थी। परिणाम घोषित हुआ तो उसे राजनीति शास्त्र विषय में 43 अंक प्राप्त हुए थे। इस प्राप्तांक से छात्रा असंतुष्ट थी। हाईकोर्ट में याचिका दायर करने पर कॉपी की दोबारा जांच कराई गई। इसके बाद छात्रा के प्राप्तांक 43 से बढ़कर 63 हो गए।

10 हजार का हजार्ना
छात्रा की याचिका पर हाईकोर्ट में जस्टिस जेके महेश्वरी की एकलपीठ में मंगलवार को सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने विशेष द्वारा दी गई रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद जस्टिस जेके माहेश्वरी की एकलपीठ ने बढ़े हुए अंकों के साथ छात्रा को नई मार्कशीट प्रदान करने के निर्देश माशिमं को दिये हैं। साथ ही याचिकाकर्ता छात्रा को बतौर हजार्ना 10 हजार रुपए देने भी कहा है। हालांकि अदालत ने माशिमं को स्वतंत्रता दी है कि वो चाहे तो हजानज़्े की रकम कॉपी जांचने में त्रुटि करने वाले मूल्यांकनकर्ता से वसूल सकता है।

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deepankar roy Reporting
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