बड़ी खबर : अंडर वर्ल्ड डॉन अबू सलेम पर नहीं चलेगा 10 वां मुकदमा, देखे वीडियो

एमपी हाईकोर्ट ने निरस्त की भोपाल जिला अदालत की विचारण प्रक्रिया, हत्या की साजिश रचने का था आरोप

 

By: deepankar roy

Updated: 10 Nov 2017, 07:48 PM IST

जबलपुर। फर्जी पासपोर्ट मामले में पुर्तगाल से प्रत्यर्पण संधि के जरिए भारत लाए गए अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को उसके खिलाफ भोपाल में लंबित मर्डर केस से छुटकारा मिल गया है। मप्र हाईकोर्ट ने इस मामले को संधि की शर्तों व प्रत्यर्पण कानून का उल्लंघन बताते हुए सलेम के खिलाफ भोपााल जिला अदालत में चल रही प्रक्रिया निरस्त कर दी है। जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच ने 2 नवंबर को सुरक्षित किया गया फैसला सुनाते हुए शुक्रवार को सलेम की याचिका को मंजूर कर लिया। उल्लेखनीय है कि सलेम पर भोपाल झिरनिया में हत्या की साजिश रचने का आरोप है। इसकी सुनवाई भोपाल की जिला अदालत में चल रही है। याचिका में उसने प्रत्यर्पण संधि का हवाला देते हुए मुकदमे को निरस्त करने की मांग की थी।

हत्या की साजिश का आरोप
उल्लेखनीय है कि सलेम पर भोपाल झिरनिया में उस पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। इसकी सुनवाई भोपाल की जिला अदालत में चल रही है। एपी हाईकोर्ट में याचिका में अबू सलेम ने पुर्तगाल संधि का हवाला देते हुए भोपाल हत्याकांड के मुकदमे में राहत की मांग की थी। सलेम की अधिवक्ता का पक्ष है कि उसके खिलाफ दसवां मुकदमा चलाना प्रत्यर्पण संधि का उल्लंघन है। उसका कहना है संधि के अनुसार अब उसे मृत्युदंड व अन्य सजा नहीं दी जा सकती। अबू सलेम को 2005 में प्रत्यर्पण संधि के तहत पुर्तगाल से भारत लाया गया था।

क्या है झिरनिया मर्डर केस
जानकार सूत्रों के अनुसार वर्ष 2002 में परवलिया इलाके के झिरनिया में अकबर उर्फ तुकाराम और नफीस की हत्या हुई थी. परवलिया पुलिस ने डबल मर्डर केस में अबु सलेम को नामजद आरोपी बनाया था। हत्या के वक्त अबु सलेम भोपाल में नहीं था, लेकिन जांच में सामने आया कि उसके इशारे पर शॉर्प शूटरों ने वारदात की थी। अकबर शॉर्प शूटर था और वह अबु सलेम के लिए काम करता था। अकबर अबु सलेम का राजफाश नहीं करे, इसलिए सलेम ने उसकी सुपारी यूपी के शॉर्प शूटरों की दी थी।

ये दिए तर्क
अबु सलेम ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें पुर्तगाल से हुई प्रत्यपर्ण संधि के उल्लंघन का आरोप लगाया था। जबलपुर हाईकोर्ट के अलावा अबू सलेम की तरफ से मुंबई की टाडा कोर्ट में पेश की गई आपत्ति पर मध्यप्रदेश पुलिस अपना पक्ष पेश कर चुकी है। पुलिस ने टाडा कोर्ट में अपने जवाब में कहा कि अबु सलेम भारत में है और झिरनिया हत्याकांड मामले में फिर से सुनवाई हो सकती है। पुलिस ने भोपाल जिला कोर्ट में अबु सलेम को पेश करने की अनुमति मांगी। इधर, टाडा कोर्ट के साथ अबु सलेम ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर झिरनिया मर्डर केस में सुनवाई करना पुर्तगाल की प्रत्यर्पण संधि का उल्लंघन बताया। अबु सलेम की याचिका में कहा गया था कि पुर्तगाल से प्रत्यर्पण कर लाए जाने के समय झिरनिया हत्याकांड की जानकारी नहीं दी गई थी। इसलिए इस प्रकरण की ट्रायल से छूट दी जाए। झिरनिया हत्याकांड की सुनवाई भोपाल जिला अदालत में चल रही थी। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने निर्णय के बाद अब यह प्रक्रिया निरस्त हो सकती है।

मामलों पर एक नजर

- सलेम ने 2014 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उक्त संधि के तहत उसके खिलाफ भारत में 9 प्रकरण चलाए जाने थे।
- संधि विपरीत भोपाल पुलिस हत्या व षड्यंत्र का दसवां आपराधिक प्रकरण दर्ज किया, जो भोपाल की कोर्ट में लंबित है।
- प्रत्यर्पण की शर्तों के अनुसार सलेम के खिलाफ मुंबई में 2, दिल्ली में 4 और सीबीआई के द्वारा पंजीबद्ध 3 प्रकरण चलाए जाने थे। इस मामले का अंतिम निराकरण कर दिया जाएगा। सलेम का कहना है कि उसके खिलाफ दसवां मुकदमा चलाना प्रत्यर्पण संधि का उल्लंघन है। अबू सलेम को 2005 में प्रत्यर्पण संधि के तहत पुर्तगाल से भारत लाया गया था।

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