जबलपुर में बेकाबू संक्रमण: 30 दिन में मिले कोरोना के 17 हजार से ज्यादा मरीज

इस बार वायरस ज्यादा खतरनाक, कोरोना के एक साल पर भारी पड़ा अप्रेल, मौतें भी रेकॉर्ड

By: Lalit kostha

Published: 01 May 2021, 01:19 PM IST

जबलपुर। शहर में इस बार कोरोना ज्यादा खतरनाक रूप में आया है। इसके ज्यादा संक्रामक होने से अप्रेल का महीना भारी पड़ा। एक साल में कोरोना के जितने मरीज मिले थे, लगभग उतने ही संक्रमित इस वर्ष सिर्फ अप्रेल महीने में मिले है। बार-बार सावधान करने के बावजूद लोगों ने लापरवाही बरती। किसी एक व्यक्ति के जरिए घर/संस्थान में प्रवेश करने वाले कोरोना ने पूरे परिवार और सदस्यों को संक्रमित किया। तेजी से मरीज बढऩे और अस्पतालों में बिस्तरों की कमी हो जाने से कोरोना की दूसरी लहर कहर बन गई। है। इसी एक महीने में कोरोना से सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई। संक्रमण से सुरक्षा के उपाय में अब भी लापरवाही बरती गई तो कोरोना और घातक होने की सम्भावना बनी गई है।

 

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टोसिलिजुमैब के 70 इंजेक्शन मिले- कोरोना मरीजों के लिए आइसीयू बेड और रेमडेसिविर इंजेक्शन की मारामारी के बीच अति गम्भीर संक्रमितों के लिए बड़ी राहत की एक खेप आयी है। स्वास्थ्य विभाग ने अति गम्भीर मरीजों की जीवन रक्षा के लिए टोसिलिजुमैब इंजेक्शन की 70 डोज शहर को भेजी है। काफी महंगे इस इंजेक्शन उपयोग अभी कोरोना के अति गम्भीर मरीजों पर हो रहा है। इसका उपयोग जरुरत मंद मरीज पर हो, इसकी निगरानी स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक और मेडिकल कॉलेज के डीन को सौंपी गई है। दोनों विशेषज्ञों वाली कमेटी की अनुशंसा पर ही अस्पताल को गम्भीर मरीज के उपचार के लिए यह इंजेक्शन उपलब्ध होंगे।

जब तक नए केस आधे नहीं हो जाते खतरा है
वर्तमान हालात में कोरोना से सुरक्षा ही बचाव का प्रभावी उपाय है। इसलिए सभी को सावधानी रखना चाहिए। कोरोना के नए मरीज मिलना कुछ कम हुए है। यदि एक सप्ताह में एक्टिव केस घटकर आधे के करीब रह जाते हैं, तो यह माना जा सकता है कि सेकेंड वेव का पीक गुजर गया। लेकिन, संक्रमण बना रहेगा। वह संक्रामक और घातक भी रहेगा। इसलिए जब तक सौ फीसदी कोरोना टीकाकरण नहीं हो जाता है, किसी भी सूरत में संक्रमण से बचाव के उपाय में लापरवाही सेहत के लिए हानिकारक होगी। बाहर निकलने पर मास्क लगाने, बार-बार हाथ धोने, दो गज की दूरी की आदत को बनाकर रखना होगा। जितना ज्यादा घर पर और भीड़ से दूर रहेंगे, उतना ही कोरोना दूर रहेगा।
- डॉ. जितेंद्र भार्गव, डायरेक्टर, स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पलमोनरी मेडिसिन, एनएससीबी मेडिकल कॉलेज

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