जमीनदार बन गए भूमिहीन किसान, फिर सामने आया ये सच

जमीनदार बन गए भूमिहीन किसान, फिर सामने आया ये सच

By: Lalit kostha

Published: 07 Jun 2018, 10:35 AM IST

राघवेंद्र चतुर्वेदी@कटनी। एमपी अजब है, सबसे गजब है...शायद ये बात यहां के सरकारी महकमों पर सटीक बैठती है। वे जो न करें वह थोड़ा है। नया मामला कटनी जिले का आया है, जहां के एक सरकारी कर्मचारी ने एकड़ों जमीन के मालिकों को कागजों में भूमिहीन बना दिया। जब उन लोगों को पता चला तो पैरों तले जमीन ही खिसक गई। मामला वरिष्ठ अधिकारियों के पास पहुंचा तो सब एक दूसरे की बगलें झांकने लगे। हालांकि मामले में अधिकारियों ने घोर लापरवाही की बात स्वीकारी हैं और संबंधित सरकारी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

about-

कटनी : पटवारी का कारनामा
9 हेक्टेयर में खेती करने वाले 4 किसानों को बनाया भूमिहीन

यह है मामला-
किसानों को उपज का वाजिब कीमत दिलाने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही समर्थन मूल्य खरीदी में पटवारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। नौ हेक्टेयर में खेती करने वाले जिले के चार किसानों को पटवारियों ने रिकार्ड में भूमिहीन बता दिया। इधर खेती के बाद किसान उपज लेकर खरीदी केंद्र पहुंचे तो केंद्र प्रभारी ने भूमिहीन बताकर उपज की तौल के बाद पावती देने से मना कर दिया। अब किसान ऑनलाइन रिकार्ड में अपनी जमीन का रकबा बढ़वाने अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। किसानों की परेशानी देखकर कटनी से मंगलवार को पीएस कृषि भोपाल को चिट्ठी लिखी गई। इसके बाद किसानों की परेशानी कम नहीं हुई।

इन किसानों के साथ हुआ छलावा
किसान रकबा
राममिलन पटेल हरदुआ २.१०
मेवा लाल ग्राम गणेशपुर १.८४
राधाबाई ग्राम हथकुरी १.४१
संजय पटेल कुम्हरवारा ३.६६

पूरे प्रदेश के लिए खुलेगा लॉक : कलेक्टर
कलेक्टर केवीएस चौधरी ने बताया कि जिन किसानों का रकबा शून्य चढ़ाया गया था उनकी वास्तविक भूमि रिकार्ड में अपडेट करने भोपाल पत्र लिखा है। गुरुवार से जानकारी अपडेट हो जाएगी। संभावना है कि आगामी कुछ दिनों के यह सुविधा पूरे प्रदेश में किसानों को मिलेगी। जिन पटवारियों के कारण किसानों को परेशानी हुई है। उनकी भूमिका की जांच करवाई जा रही है। जांच में पुष्टि होने पर कार्रवाई की जाएगी।

Lalit kostha Desk
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