MP में पटवारी बनने के फेर में खाली हुई बेरोजगारों की जेब, जानिए क्या है माजरा

एमपी प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा पहले शिफ्ट की परीक्षा स्थगित किए जाने के निर्णय से लगा झटका

By: deepankar roy

Published: 09 Dec 2017, 02:52 PM IST

जबलपुर। मध्यप्रदेश में पटवारी बनने के फेर में कई बेरोजगारों की जेब खाली हो गई। इन उम्मीदवारों ने सरकारी नौकरी की उम्मीद के साथ पटवारी ऑनलाइन भर्ती परीक्षा का शुल्क चुकाया। इसके बाद कुछ पैसे लेकर निर्धारित समय पर तय परीक्षा केंद्रों में परीक्षा देने के लिए पहुंचे। लेकिन ऐसे उम्मीदवारों को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब परीक्षा केंद्र पहुंचने पर उन्हें पेपर स्थगित किए जाने की सूचना मिली। मध्यप्रदेश प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड ने पहली पारी की परीक्षा के लिए पंजीकृत उम्मीदवारों की अब नई तारीख पर टेस्ट लेने के आदेश दिया है। लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर बेरोजगार युवाओं के लिए दोबारा दूसरे शहरों के परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना आर्थिक तंगी के चलते मुश्किल हो गया है।

इसलिए परेशानी
एमपीपीईबी ने पटवारी परीक्षा के लिए उम्मीदवारों से आवेदन पत्र में नजदीकी परीक्षा केंद्र की प्राथमिकता का विकल्प टिक कराया था। लेकिन जब परीक्षा केंद्रों का आवंटन हुआ तो उम्मीदवारों को अपने शहर से ४००-८०० किलोमीटर दूर दूसरे शहरों में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिए गए। इन केंद्रों तक पहुंचने और वहां जाकर रहने-खाने में बेरोजगारों युवकों की जेब ढीली हो गई। दोबारा दूसरे शहर में परीक्षा कराएं जाने पर कई उम्मीदवार अब आवाजाही का खर्च पुन: उठाने की की स्थिति में नहीं है। ऐसे में परीक्षा दिए बिना ही इन युवाओं के पटवारी बनने का सपना टूटने की कगार पर है।

सीमित संशाधनों की मार
व्यापमं घोटाले के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की कवायद करते हुए सरकार ने ऑनलाइन टेस्ट व्यवस्था लागू की। लेकिन पर्याप्त संशाधन के बिना ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली लागू किए जाने का खामियाजा अब प्रतिभागियों को भुगतना पड़ रहा है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के चलते प्रतियोगी परीक्षाओं का फॉर्म भरने का खर्च बढ़ गया है। दूसरी ओर सीमित संशाधन के कारण एमपीपीईबी के ऑनलाइन एग्जाम सेंटर की संख्या काफी कम है। ऐसे में उम्मीदवारों को दूसरे शहरों तक परीक्षा देने के लिए जाना मजबूरी बन गया है। उन पर एक परीक्षा में शामिल होने पर पहले के मुकाबले दोहरा फटका लग रहा है।

उम्मीदवारों के करोड़ों रुपए खर्च
प्रदेश में पटवारी के 9235 पदों के लिए शनिवार से शुरू हो रही परीक्षा में करीब 10 लाख 20 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इन आवेदकों से एमपी ऑनलाइन को करीब 7 करोड़ 14 लाख रुपए की राशि ऑनलाइन पोर्टल फीस के रूप में मिली है। वहीं, एमपीपीईबी को परीक्षा शुल्क के रूप में करीब 38.25 करोड़ रुपए प्राप्त हुए है। इस परीक्षा में शामिल होने वाले करीब 5 लाख उम्मीदवारों ने कोचिंग पर लगभग 125 करोड़ रुपए खर्च किया है। 4 लाख उम्मीदवारों के एक शहर से दूसरे शहर में एग्जाम के लिए जाने-आने और खानपान पर करीब 10 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इसी तरह पटवारी परीक्षा के अभ्यार्थियों ने कुछ माह के अंदर ही करोड़ों रुपए खर्च किए। लेकिन उसके बाद भी परीक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होने से कई उम्मीदवारों की इतने रुपए खर्च करके की गई मेहनत पर पानी फिर गया है।

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deepankar roy Reporting
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