हाईकोर्ट में एक साथ सुने जाएंगे मुडिय़ा जनजाति के मामले

हाईकोर्ट में एक साथ सुने जाएंगे मुडिय़ा जनजाति के मामले
Mudia tribe cases will be heard together in the High Court

Sudarshan Kumar Ahirwar | Publish: Mar, 24 2019 09:00:00 AM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

चार अप्रैल निर्धारित की गई है अंतिम सुनवाई

जबलपुर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश सुजय पॉल की एकलपीठ ने मुडिया जनजाति के मामले एक साथ सुने जाने की व्यवस्था दी है। इसके तहत अंतिम सुनवाई के लिए चार अप्रैल की तिथि निर्धारित की गई है।

याचिकाकर्ता गोटेगांव निवासी भुवनेश मुडिया की ओर से अधिवक्ता ब्रह्मानंद पांडेय ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता के पास मुडिया जनजाति का प्रमाण पत्र था। एसडीओ गोटेगांव ने अधिकारिता न होते हुए भी वह प्रमाण-पत्र निरस्त कर दिया। इसी रवैए को याचिका के जरिए चुनौती दी गई है।

सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से कोर्ट का ध्यान आकृष्ट कराया गया कि रूपसिंह मुडिया, प्रदीप मुडिया, उत्तम मुडिया, भगवानदास मुडिया सहित 400 से अधिक मुडिया जनजाति के लोगों को फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के जरिए नौकरी हासिल करने का दोषी पाया गया था, जिसके बाद उन्हें नौकरी से निकालने का आदेश जारी कर दिया गया। इस आदेश के खिलाफ मुडिया जनजाति के प्रभावित लोग हाईकोर्ट आ गए। उनकी याचिकाएं 2002 से लंबित हैं। हाईकोर्ट ने इस जानकारी पर गौर करने के बाद भुवनेश मुडिया के मामले की सुनवाई भी उन्हीं याचिकाओं के साथ चार अप्रैल को करने की व्यवस्था दे दी।

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