killer: जरा सी बात पर कर दी किसान की निर्मम हत्या , अब हुआ यह हाल

कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जिला अदालत ने दो साल पुराने मामले में सुनाई सजा

By: deepak deewan

Published: 18 Aug 2017, 02:33 PM IST

जबलपुर। जिला अदालत ने २०१५ में बेलखेड़ा थानांतर्गत कुआंखेड़ा गांव में हुई किसान की हत्या के आरोपी को अपराधी करार दिया है। एडीजे मुकेश दांगी की अदालत ने हत्यारे छोटू उर्फ प्रदीप रजक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर जुर्माना भी लगाया है।


जरा सी बात पर मार डाला
अभियोजन के अनुसार कुआंखेड़ा निवासी सविता रजक के पति का देहावसान हो गया था। उनका भाई छोटू उर्फ प्रदीप उनके साथ खेती-बाड़ी की देखभाल के लिए रहता था। लेकिन वह इसमें रुचि नहीं लेता था। सविता के जेठ मनोहर रजक अक्सर प्रदीप को इसके लिए डांटते-डपटते रहते थे। इसी बात को लेकर ३ नवंबर २०१५ की शाम करीब ४ बजे आरोपी का मनोहर रजक से विवाद हो गया। आननफानन में प्रदीप समीप ही खेत में बने कमरे से कुल्हाड़ी लेकर आया और एक के बाद एक लगातार कई वार मनोहर के सिर व चेहरे पर कर दिए। उनकी चीख सुन कर पास ही खेत में काम कर रहा उनका पुत्र दीपक दौड़ता आया, लेकिन आरोपी भाग गया। मनोहर रजक की घटनास्थनल पर ही मृत्यु हो गई।


नहीं दी फांसी
पुलिस ने ३०२ के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने अपने फ ैसले में कहा कि गवाहियों और सबूतों से आरोपी के हत्यारा होने पर कोई शंका शेष नहीं है। आरोपी की ओर से कम उम्र व पहला आरोप होने की दलील कोर्ट ने नकार दी। हालांकि कोर्ट ने इसे रेयरेस्ट ऑफ द रेयर (दुर्लभ से दुर्लभतम) मामला नहीं माना और फांसी की सजा देने से इंकार कर दिया। लेकिन आजीवन कारावास से कम सजा करने का आग्रह भी ठुकरा दिया। अतिरक्त लोक अभियोजक राजेश तिवारी ने सरकार का व अधिवक्ता दयाराम ने आपत्तिकर्ता पीडि़त परिवार की ओर से पैरवी की।


पत्नी को दो विधिक सहायता-
कोर्ट ने कहा कि मृतक की विधवा मायाबाई ने अदालत के समक्ष मप्र पीडि़त प्रतिकर योजना २०१५ के तहत आवेदन दिया है। उन पर एक अविवाहित पुत्री पूजा व पुत्र दीपक के पालन-पोषण का भार है। पति की मृत्यु के चलते उन्हें भरण-पोषण में परेशानी हो रही है। मृतक की विधवा की आयु महज ५१ वर्ष है और उन्हें लंबा जीवन काटना है। लिहाजा जिला विधिक सेवा समिति उन्हें उक्त योजना के तहत प्रतिकर प्रदान करे। आदेश की प्रति समिति के सचिव को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।


deepak deewan
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned