narmada Kumbh in mp यहां तैयार हो रही भगवान शिव और अद्र्धनारीश्वर की विशाल प्रतिमा, देश विदेश से आएंगे दर्शनार्थी: देखें वीडियो

ग्वारीघाट में नर्मदा कुम्भ की तैयारियां जोरों पर, यज्ञशालाओं का निर्माण जारी

 

By: Lalit kostha

Published: 05 Feb 2020, 10:31 AM IST

जबलपुर. संस्कारधानी में नर्मदा कुम्भ की तैयारियां युद्ध स्तर पर की जा रही हैं। नर्मदा तीर्थ गीताधाम, ग्वारीघाट के समक्ष बड़े मैदान में 24 फरवरी से कुम्भ मेला शुरू होगा। मंगलवार को बारिश के दौरान कार्य बाधित हुआ, लेकिन बारिश थमते ही यज्ञशाला एवं मूर्तियों के निर्माण का कार्य शुरू हो गया। नगर निगम कमिश्नर आशीष कुमार ने तैयारियों का जायजा लिया।

18 फुट ऊंची बनेगी भगवान शिव और अद्र्धनारीश्वर स्वरूप की संयुक्त प्रतिमा

मैदान के ज्यादातर हिस्से में समतलीकरण के बाद तेजी से यज्ञ शालाओं एवं मूर्तियों का निर्माण किया जा रहा है। यज्ञ शुरू होने में 20 दिन शेष हैं। यज्ञ शाला में 18 फुट ऊंची भगवान शिव एवं अद्र्धनारीश्वर के संयुक्त स्वरूप की प्रतिमा बनाई जा रही है। एक ओर से भगवान शिव और दूसरी ओर अद्र्धनारीश्वरी के दर्शन होंगे। जबकि, जटा से गंगा की धार निरंतर प्रवाहित होती हुई शिवलिंग पर गिरेगी।

 

यज्ञ संयोजक डॉ. स्वामी नरसिंह दास ने बताया, भगवान शिव की तपस्या से प्रकट हुई नर्मदा को उनका वरदान है कि वे हर घाट पर मां पार्वती के साथ विराजमान रहेंगे। जिस प्रकार गंडकी नदी में पत्थर स्वरूप भगवान शालिगराम प्राप्त होते हैं, बिना स्थापना की उनकी पूजा की जा सकती है, उसकी प्रकार नर्मदा के कंकड़ को बिना स्थापना के शिव स्वरूप पूजा करना फलदायी होता है। इसे चरितार्थ करते हुए नर्मदा के सवा करोड़ कंकड़ से विशाल शिवलिंग बनाया जा रहा है। कंकड़ की गिनती की जा रही है।

वाराणसी और प्रयागराज के कारीगर आए
नर्मदा कुम्भ में पांच यज्ञ शालाएं एवं भव्य प्रवेश द्वार बनाने के लिए वाराणसी और प्रयागराज के कारीगर आ गए हैं। कारीगरों ने बांसों के माध्यम से यज्ञ शालाएं बनाने का कार्य शुरू किया। ये कारीगर ही यज्ञ शाला में नर्मदा सहित कई देवी देवताओं के मंदिर एवं अद्भुत झांकियां बनाएंगे। संतों की पेशवाई 24 फरवरी से पहले ही सभी कार्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यज्ञ स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंच तैयार किया जा रहा है।

दक्षिण भारत कांची कामकोटि के आचार्य कराएंगे रुद्र महायज्ञ
दक्षिण भारत के कांची कामकोटि के आचार्य के आचार्य वैदिक परम्परा से रुद्र महायज्ञ कराएंगे। यज्ञ के दौरान हैदराबाद के कलाकार वाद्य यंत्रों का वादन करेंगे। गौ तीर्थ पथमेढ़ा राजस्थान के आचार्यों के विधि विधान से श्रीराम सुरभि गौपुष्टि महायज्ञ किया जाएगा। संस्कारधानी में पहली बार गौ पुष्टि महायज्ञ किया जाएगा। इसमें ऋषि एवं कृषि सम्मेलन में अध्यात्म और विज्ञान का संगम होगा

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Lalit kostha Desk
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