शत्रुहंता हैं ये देवी, इस मंदिर में होती है विशेष आराधना

वैदिक ब्राह्मणों द्वारा दुर्गा सप्तशती पाठ किया जाएगा

By: deepak deewan

Published: 13 Mar 2018, 08:47 AM IST

जबलपुर. चैत्र शुक्ल प्रतिपदा १८ मार्च को विक्रम सम्वत (हिन्दू नव वर्ष) का आगाज होगा। इसी दिन आदि शक्ति की उपासना के पर्व नवरात्र का शुभारंभ होगा। धार्मिक-सामाजिक संगठनों ने मंदिर , देवालयों, नर्मदा तटों में आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अखंड मानस पाठ, रात्रि जागरण, विशेष पूजन-अनुष्ठान की तैयारी की जा रही है। ये अनुष्ठान नौ दिन तक जारी रहेंगे।


एेसे होता है पूजन-अनुष्ठान
नवरात्र के पहले दिन देवी शैलपुत्री का पूजन होता है। सूर्योदय से पूर्व स्नान कर कलश स्थापना की जाती है। देवी के बीज मंत्र का जाप व दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशति का पाठ, रामचरित मानस का नवाह पारायण भी किया जाता है। नौ दिन तक ये अनुष्ठान जारी रहते हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु नौ दिन तक व्रत रखते हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार नवरात्र त्वरित फल प्रदान करने वाली होती है।


इसलिए महत्वपूर्ण है यह दिवस
- विक्रम सम्वत का शुभारम्भ
- भगवान राम का राज्याभिषेक हुआ
- भगवान झूलेलाल का प्रकटोत्सव
- भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन सृष्टि की रचना शुरू की
- दुर्गा उपासना पर्व की इसी दिन होती है शुरुआत


मां बगलामुखी मां राजराजेश्वरी का विशेष पूजन
बगलामुखी सिद्धपीठ सिविक सेंटर मढ़ाताल में चैत्र नवरात्रि पर अखण्ड ज्योति प्रज्ज्वलित की जाएगी। सुबह-शाम मां भगवती का शृंगार के साथ शाम 8 बजे महाआरती एवं रात्रि में विशेष पूजन होगी। झोतेश्वर के राजेन्द्र शास्त्री द्वारा दोपहर में भगवती राजराजेश्वरी माता का विशेष पूजन किया जाएगा। नवरात्रि में नौ दिनों तक बगलामुखी मंदिर में भक्तों द्वारा धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। वैदिक ब्राह्मणों द्वारा दुर्गा सप्तशती पाठ किया जाएगा।

नौ दिन अनुष्ठान से मिलता है फल
- चैत्र शुक्ल प्रतिपदा उपासना का बड़ा पर्व है। इसी दिन से आदि शक्ति की उपासना के पर्व का शुभारम्भ होता है। एेसी मान्यता है पौराणिक महत्व के इस दिन से लेकर नौ दिन तक विधि-विधान से अनुष्ठान करने पर त्वरित फल मिलता है।
पं जनार्दन शुक्ला, ज्योतिषाचार्य

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