Neet 2018 नीट का बड़ा फैसला, अब इतने प्रतिशत वालों को भी मिलेगा प्रवेश

Neet 2018 नीट का बड़ा फैसला, अब इतने प्रतिशत वालों को भी मिलेगा प्रवेश

Lalit Kumar Kosta | Publish: Nov, 10 2018 02:20:30 PM (IST) | Updated: Nov, 10 2018 02:20:31 PM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

नीट का बड़ा फैसला, अब इतने प्रतिशत वालों को भी मिलेगा प्रवेश

जबलपुर. छात्र-छात्राओं की कमी से जूझ रहे आयुष कॉलेजों को केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने बड़ी राहत दी है। आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए न्यूनतम पर्सेंटाइल कटऑफ घटा दिया है। नए आदेश के मुताबिक आयुष कॉलेजों में प्रवेश के लिए अब नीट में 35 फीसदी अंक प्राप्त करने वाले भी पात्र होंगे। इस आदेश को सत्र 2018-19 से लागू किया जा रहा है। प्रदेश में आयुष पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अभी काउंसिलिंग का अंतिम चरण बाकी है। इसके चलते न्यूनतम योग्यता अंकों में 15 फीसदी की कमी से आयुष कॉलेजों में खाली सीटों पर प्रवेश बढऩे की उम्मीद है।

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नीट में 35 प्रतिशत अंक अर्जित करने वालों को भी मिलेगा आयुष कॉलेजों में प्रवेश
खाली सीटें भरने के लिए घटाना पड़ा न्यूनतम पर्सेंटाइल कटऑफ

दो दौर के बाद भी 40 फीसदी खाली-
देश में जिन प्रदेशों में मॉपअप राउंड और कॉलेज लेवल पर काउंसिलिंग नहीं हुई है, वहां इस साल आयुष पाठ्यक्रमों में औसतन तीस फीसदी सीटें खाली हैं। प्रदेश में भी प्राइवेट कॉलेजों की स्थिति खराब है। दो दौर की काउंसिलिंग के बाद भी औसतन चालीस फीसदी सीटें खाली हैं। शहर में सरकारी आयुर्वेद कॉलेज की 60 सीट में भी अभी 10 सीटों पर प्रवेश होना है।


यह है स्थिति
26 आयुष कॉलेज प्रदेश में
09 सरकारी, 17 निजी कॉलेज
1930 कुल सीटें प्रदेश में
560 सीटें सरकारी और 1370 निजी में

इनमें प्रवेश
बीएएमएस (आयुर्वेद)
बीएचएमएस (होम्योपैथी)
बीयूएमएस (यूनानी)
बीएसएमएस/ बीएनवाइएस (नेचरोपैथी)

न्यूनतम पर्सेंटाइल कटऑफ में बदलाव
पहले- सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए पहले 50 फीसदी अंक।
अब - नीट में 35 प्रतिशत अंक अर्जित करने वाले भी प्रवेश के पात्र।
पहले - आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए पहले 40 फीसदी अंक।
अब - नीट में 25 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले भी प्रवेश के पात्र।
(नोट: दिव्यांगों के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवार 35 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार को 25 प्रतिशत अंक पर प्रवेश मिलेंगे।)

केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने न्यूनतम पर्सेंटाइल कटऑफ 15 प्रतिशत घटा दिया है। आयुष के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अंतिम चरण की काउंसिलिंग अभी होनी है। कटऑफ के नए आदेश को लागू किए जाने से उम्मीदरों के प्रवेश के अवसर बढ़ जाएंगे।
डॉ. राकेश पांडे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, आयुष मेडिकल एसोसिएशन

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