एमपी का ये शहर लगाएगा सपनों की नई छलांग, भरेगा विकास की उड़ान

new leap of city dreams, - लम्हेटा में जियो पार्क विकसित करने के लिए जीएसआई टीम स्टडी टूर पर आएगी शहर, मदन महल से भेड़ाघाट तक बनेगा रोपवे महाधिवक्ता कार्यालय में बैठक, पहाड़ी के संरक्षण पर चर्चा

जबलपुर. लम्हेटा में जियो पार्क विकसित करने के लिए जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) की टीम स्टडी टूट पर जबलपुर आएगी। सांसद और कोयला एवं इस्पात सम्बंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष राकेश सिंह ने समिति के अधीनस्थ जेडएसआई के महानिदेशक एसएन मेश्राम को लम्हेटा में पार्क विकसित करने सम्बंधी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उधर, अतिक्रमण मुक्त हुई मदन महल की पहाड़ी के संरक्षण के साथ शासन की विकास योजनाओं पर महाधिवक्ता कार्यालय में शुक्रवार को बैठक हुई। इसमें लम्हेटाघाट, भेड़ाघाट और चौंसठ योगिनी मंदिर को जोड़ते हुए रोपवे का निर्माण के लिए सहमति बनी।
मिले थे डायनासोर के अवशेष
लम्हेटा में नर्मदा बेसिन से लगे क्षेत्र में डायनासोर के अवशेष पाए गए थे। सांसद सिंह ने जीएसआई के महानिदेशक को बताया कि पूर्व में केंद्रीय पुरातत्व विभाग के सर्वे के अनुसार जबलपुर स्थित सीतापहाड़ी और जीसीएफ की पहाडिय़ों पर डायनासोर के अंडे मिले थे, जो आज भी ब्रिटेन के संग्रहालय में मौजूद हैं।ग्रेनाइट की जीवित चट्टानें भीसांसद सिंह ने बताया कि लम्हेटा में करोड़ों साल पुरानी ग्रेनाइट की जीवित चट्टानें भी हैं। भूवैज्ञानिकों व पुरातत्वविदों के अनुसार यहां लम्हेटी रॉक्स की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में वनस्पतियों और जीवों के अध्ययन का जबलपुर सबसे बड़ा केंद्र बन सकता है। जीएसआई के महानिदेशक मेश्राम ने बताया कि 15 दिन के अंदर टीम स्टडी टूर करेगी। अध्ययन के आधार पर फिजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर लम्हेटा में जियो पार्क विकसित करने की कार्यवाही की जाएगी।'पत्रिकाÓ ने उठाया था मुद्दानर्मदा बेसिन पर लम्हेटा में डायनासोर के अवशेष होने, करोड़ों साल पुरानी लम्हेटी रॉक्स, सीतापहाड़ी पर डायनासोर के अंडे मिलने, जबलपुर की पहाडिय़ों पर संतुलित सिलाओं समेत अन्य अनूकल परिस्थितियों के कारण यह स्थल जियो पार्क के लिए सर्वाधिक अनुकूल है। 'पत्रिकाÓ ने इस मुद्दे को सबसे पहले उठाया था। इसके बाद विधानसभा और लोकसभा में भी मुद्दा उठाया गया।
लम्हेटाघाट, भेड़ाघाट और चौंसठ योगिनी मंदिर को जोड़ते हुए होगा रोपवे का निर्माण
अतिक्रमण मुक्त हुई मदन महल की पहाड़ी के संरक्षण के साथ शासन की विकास योजनाओं पर महाधिवक्ता कार्यालय में शुक्रवार को बैठक हुई। इसमें तय किया गया कि महल महल पहाड़ी पर 50 एकड़ भूमि खाली हुई है, वहां पर भी पौधरोपण किया जाएगा। अभी 25 एकड़ में पौधरोपण हो चुका है। इसी प्रकार मदन महल पहाड़ी से लम्हेटाघाट, भेड़ाघाट और चौंसठ योगिनी मंदिर को जोड़ते हुए रोपवे का निर्माण के लिए सहमति बनी। इसके लिए उच्च न्यायालय से अनुमति ली जाएगी। बैठक में महाधिवक्ता शशांक शेखर के अलावा संभागायुक्त राजेश बहुगुणा, कलेक्टर भरत यादव और नगर निगम कमिश्नर आशीष कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। बैठक में मदन महल पहाड़ी के संरक्षण पर व्यापक चर्चा की गई। इसी प्रकार से शहर के तालाबों का संरक्षण कैसे किया जाए, निगम प्रशासन के साथ मिलकर कैसे इन्हें संवारा जाए। इस विषय पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बताया गया कि रोपवे को लेकर शासन की सहमति है, लेकिन पहले न्यायालय से अनुमति लेना जरूरी है।

Show More
govind thakre
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned