निर्मित हो रहा है कम दबाव का क्षेत्र, झूम के बरसेगा मानसून

फिर छाए काले बादल, रिमझिम के चलते उमस से राहत
दो ट्रफ लाइन के असर से बना बारिश का सिस्टम

By: govind thakre

Published: 26 Jun 2020, 07:53 PM IST

जबलपुर . दो दिन तक आसमान साफ रहने के बाद शुक्रवार को बादल फिर उमड़े। बारिश वाले बादलों की खेप देखकर गर्मी-उमस से बेचैन लोगों के चेहरे खिल गए। दोपहर के समय आसमान काले बादलों से ढंक गया। 3 बजे के करीब मौसम ऐसा बन गया कि मानो अब शहर मानूसन की झड़ी से तर हो जाएगा। लेकिन तेज हवा बारिश वाले काले बादलों की कुछ खेप ले उड़ी। इससे मामला कमजोर पड़ गया। फिर मानसून की पहली रिमझिम हुई। दोपहर से शाम तक काफी हल्की फुहार पड़ी। अरब सागर से आयी नमी भरी हवा ने मौसम में कुछ शीतलता घोली। तीन दिन में करीब साढ़े पांच डिग्री तक चढ़ा पारा फिर से पुरानी पोजीशन पर लौट आया। इससे पहले शुक्रवार को सुबह से बादल बनें रहने से उमस महसूस हुई। चिपचिपी गर्मी से से लोग बेचैन हो रहे थे। गर्मी से परेशान लोगों को रिमझिम के बाद चली नमी भरी हवा के झौंकों ने राहत दी। शाम और रात को मौसम खुशनुमा बना रहा।
सामान्य से तीन डिग्री नीचे आया तापमान
शुक्रवार को हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आयी। अधिकतम स्तर पर तापमान फिर से तीन दिन पुराने स्तर पर पहुंच गया। अधारताल स्थित मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सी और न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री था। अधिकतम तापमान शुक्रवार को ासाढ़े पांच डिग्री लुढकक़र 29.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह सामान्य से तीन डिग्री नीचे बना रहा। न्यूनतम तापमान में 26.4 डिग्री सी रेकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से एक डिग्री ज्यादा बना रहा। आद्र्रता सुबह के समय 77 प्रतिशत और शाम को 95 प्रतिशत थीं। दक्षिण -पश्चिमी हवा 6 किलोमीटर प्रतिघंटा की औसत गति से चली। सुबह 8.30 से शाम 5.30 बजे के बीच 7.3 मिमी वर्षा दर्ज हुई। सीजन में वर्षा का आंकड़ा बढकऱ 77.3 मिमी हो गया है।
कल से अच्छी बारिश की सम्भावना
मौसम विज्ञान केन्द्र में वैज्ञानिक सहायक देवेन्द्र कुमार तिवारी के अनुसार राजस्थान से मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश होते बिहार तक एक ट्रफ लाइन है। एक अन्य ट्रफ लाइन बिहार, छत्तीसगढ़ होते हुए विदर्भ तक बनी हुई है। इसके प्रभाव से शुक्रवार को मौसम में परिवर्तन आया। दोनों ट्रफलाइन के इफेक्ट से शनिवार को सम्भाग के जिलों में अनेक स्थानों पर वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछार की सम्भावना है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र निर्मित हो रहा है। इसका असर रविवार तक शहर पहुंचने की सम्भावना है। नए बन रहे दोनों सिस्टम की सक्रियता से रविवार से शहर में अच्छी बारिश की सम्भावना है।

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govind thakre Editorial Incharge
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