TIGER SAFARI: जबलपुर में बन रही टाइगर सफारी में फंसा पेंच, कुदरत से छेड़छाड़ का आरोप

जबलपुर में बन रही टाइगर सफारी में फंसा पेंच, कुदरत से छेड़छाड़ का आरोप

 

By: Lalit kostha

Published: 08 Oct 2020, 11:25 AM IST

जबलपुर। शहर के डुमना नेचर रिजर्व में कृत्रिम टाइगर सफारी बनाने की जिला प्रशासन व वन विभाग की योजना को चुनौती पर मध्यप्रदेश हाइकोर्ट ने गम्भीरता दर्शाई। एक्टिंग चीफ जस्टिस संजय यादव व जस्टिस राजीव कुमार दुबे की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार व जबलपुर नगर निगम सहित अन्य से पूछा कि जब संग्रामसागर में टाइगर सफारी बनाई जानी थी तो वहीं क्यों नहीं बनाई जा रही है? इसे डुमना नेचर रिजर्व में क्यों बनाया जा रहा है? तीन जनहित याचिकाओं की एक साथ सुनवाई करते हुए कोर्ट ने चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

चार सप्ताह में मांगा जवाब, डुमना में क्यों बना रहे टाइगर सफारी

यह है मामला- जबलपुर निवासी जगत जोत सिंह फ्लोरा, निकिता खम्परिया, विवेक शर्मा की ओर से एक, नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की ओर से दूसरी व रिटायर्ड कर्नल एके रामनाथन, एरिक डी सुन्हा व रुद्राक्ष पाठक की ओर से तीसरी याचिका दायर की गई है। इन याचिकाओं की सुनवाई एक साथ हुुई।

 

Dumna Nature park
IMAGE CREDIT: patrika

कुदरत से छेड़छाड़ रोकी जाए
कोर्ट से आग्रह किया गया कि कुदरत के साथ होने वाली छेड़छाड़ को रोका जाए। टाइगर सफारी का निर्माण शहर में अन्यत्र कहीं भी किया जा सकता है। इसके लिए संरक्षित वन क्षेत्र का चयन अनुचित और कानून के खिलाफ है। टाइगर सफारी का निर्माण पहले संग्रामसागर के समीप प्रस्तावित था। लेकिन, इसे बिना वजह डुमना में बनाया जा रहा है। बुधवार को सुनवाई के बाद कोर्ट ने प्रदेश सरकार को जवाब के लिए चार सप्ताह की मोहलत दी। सरकार की ओर से महाधिवक्ता पीके कौरव, उप-महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली, नगर निगम की ओर से अधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह व एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से अधिवक्ता अनूप नायर उपस्थित हुए।

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Lalit kostha Desk
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