चने की नई किस्म जेजी-24 को मिली नई पहचान

चने की नई किस्म जेजी-24 को मिली नई पहचान
Crops affected by rain, flowers and pods started falling

Mayank Kumar Sahu | Updated: 14 Sep 2019, 12:36:30 AM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

प्रदेश के अलावा अन्य प्रदेशों में भी होगी लाभकारी, राष्ट्रीय बैठक में में मिली सराहना

जबलपुर।
कृषि विवि ने चने की नई किस्म को विकसित करने में सफलता प्राप्त की है। इस किस्म को भारतीय चना अनुसंधान परियोजना की 24वीं वार्षिक समूह बैठक में नई पहचान मिली है। यह बैठक बिनसा कृषि विवि रांचीमें आयोजित की गई थी। यह किस्म भारत के मध्यक्षेत्र मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए चिन्हित कर दी गई है। इस किस्म की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह 22 से 25 क्विंटल प्रति हैक्टेयर तक अधिक उत्पादन देने वाली बहुरोग रोधक क्षमता से परिपूर्ण किस्म है। यह उंची होने के साथ ही यांत्रिकी कटाई हेतु सर्वाधिक उपयुक्त है जिसमें मशीन की कटाई से होने वाली उपज की हानि न्यूनतम पाई गई है। परियोजना प्रभारी एवं चना प्रजनक डॉ.अनीता बब्बर ने बताया कि इस किस्म को डॉ. आलोक वासनीकर, डॉ.एके त्रिपाठी, डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने यांत्रिकी कटाई क्षेत्रों के लिए चने की नई किस्म जेजी-24 को विकसित किया है।

विवि प्रबंधन ने जताई खुशी

इस उपलब्धि विवि प्रबंधन ने खुशी जताई है। कुलपति डॉ.प्रदीप कुमार बिसेन ने कहा कि निश्चित ही आने वाले समय में यह किस्म खाद्यान के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगी। अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ.धीरेंद्र खरे, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डॉ.आरएम साहू, आईपीआरओ डॉ.मुमताज खान आदि ने टीम को बधाई दी।

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