6 करोड़ 41 लाख के घोटाले में आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं

हाइकोर्ट ने अर्जी ठुकराई

 

By: prashant gadgil

Published: 03 Sep 2020, 08:55 PM IST

जबलपुर. मप्र हाइकोर्ट ने रीवा जिले के डभौरा स्थित जिला केंद्रीय सहकारी बैंक में 6 करोड़ 41 लाख 88 हजार 475 रुपए के घोटाले में आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। जस्टिस राजीव कुमार दुबे की सिंगल बेंच ने आरोपी की अग्रिम जमानत की अर्जी निरस्त कर दी। अभियोजन के अनुसार रीवा जिला केंद्रीय सहकारी बैंक की डभौरा शाखा के मैनेजर ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई की 2013-15 के बीच बैंक के पूर्व मैनेजरों अरुण प्रताप सिंह व रामकृष्ण मिश्रा ने क्लर्को रामबली वर्मा व रावेन्द्र सिंह तोमर की मदद से अन्य सह आरोपियों की मिलीभगत से बैंक को 6 करोड़ 41 लाख 88 हजार 475 रु का चूना लगाया। रीवा जिला निवासी पीयूष त्रिपाठी पर भी घोटाले में शामिल होने के आरोप पर भादवि की धारा409, 420, 467,468,471,34, 201 व 120 बी के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। इसी मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी की ओर से दायर अग्रिम जमानत अर्जी पर बहस करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल खरे ने तर्क दिया कि आरोपी को झूठा फंसाया गया। जबकि अधिवक्ता एपी सिंह ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि आरोपी को अभिरक्षा में लेकर उससे पूछताछ जरूरी है, क्योंकि वह 2015 से फरार है। सुनवाई के बाद मामले में आरोपी से कस्टडी में पूछताछ को आवश्यक बताते हुए कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी।

prashant gadgil Desk
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