shocking news : किसानों की भीड़ देखकर बेहोश हो गए मंडी अधिकारी, पहुंचाया अस्पताल, देखे वीडियो

  1. कृषि उपज मंडी में हम्माल, पल्लेदार, किसान और व्यापारियों की हड़ताल के दौरान घटना

By: deepankar roy

Published: 10 Nov 2017, 06:53 PM IST

जबलपुर/कटनी। कृषि उपज मंडी में शुक्रवार को किसानों ने हड़ताल कर दी। कुछ ही देर में मंडी के व्यापारी, हम्माल और पल्लेदार भी हड़ताल पर उतर आए। अचानक स्थिति ऐसी बिगड़ी कि किसानों का गुस्सा शांत कराने के लिए मंडी के सभी अधिकारियों को मौके तक दौड़ लगाना पड़ा। मामला कटनी जिले की पहरुआ कृषि उपज मंडी का है। आक्रोशित किसानों से मंडी सचिव संतोष राय और मंडी प्रांगण प्रभारी सनत द्विवेदी सीधी बात कर रहे थे। इसी बीच प्रदर्शकारियों की भीड़ ने अधिकारियों को घेर लिया। अचानक भीड़ देखकर मंडी प्रभारी द्विवेदी वहीं गश खाकर गिर पड़े और बेहोशे हो गए। उन्हें गंभीर हालत में एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मंडी सचिव पहुंचे अस्पताल
प्रांगण प्रभारी के किसानों, व्यापारियों से बातचीत के दौरान जैसे ही बेहोश होने की सूचना फैली मंडी परिसर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कई किसान और व्यापारी मौके से चुपचाप चले गए। वहीं, कुछ व्यापारियों और किसानों ने तत्काल मंडी प्रभारी को प्राथमिक उपचार देने का प्रयास किया। उन्हें तत्काल नजदीकी निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां, चिकित्सक उनका उपचार कर रहे है। घटना के बाद मंडी सचिव राय भी प्रभारी द्विवेदी को देखने के लिए अस्पताल पहुंचे।
बोली न लगने से भड़का गुस्सा
पहरुआ कृषि उपज मंंडी में शुक्रवार की सुबह बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज बेचने के लिए पहुंचे। मंडी में शेड के बाहर भारी मात्रा में उपज एकत्रित हो गई। किसानों का आरोप है कि उपज की आवक अधिक होने पर व्यापारियों ने बोली ही नहीं लगाई। काफी देर तक उपज रखे रहने के बाद जब उसकी कीमत नहीं मिली तो किसान का गुस्सा भड़क गया। वे नारे लगाने लगे। मंडी में अव्यवस्थाओं का आरोप लगाया।
सड़क में डाक कराने से समस्या
मंडी में उपज की आवक अधिक होने पर शेड के बाहर से लेकर सड़क पर फसल की डाक रख दी गई। इसे लेकर कुछ व्यापारियों ने आपत्ति जताई। उपज के नहीं बिकने से बाकी किसानों को फसल बेचने के लिए जगह की समस्या हुई। किसानों, व्यापारियों और प्रशासन के बीच विवाद की स्थिति बनने पर मंडी सचिव ने मामले में हस्तक्षेप किया। उन्होंने सभी पक्षों से बातचीत कर समस्या के निराकरण का प्रयास किया। हालांकि कई दौर की बातचीत के बाद भी किसानों, व्यापारियों और अधिकारियों के बीच कोई अंतिम सहमति नहीं हो पायी।

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deepankar roy Reporting
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