जनहित याचिकाकर्ता पर एक की लाख कॉस्ट, जानें क्यों!

हाइकोर्ट ने याचिकाकर्ता को कॉस्ट की राशि एक माह में सीएम रिलीफ फंड में जमा करने को कहा

By: govind thakre

Published: 22 Oct 2020, 08:00 PM IST

जबलपुर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल के चिरायु अस्पताल को कोविड-19 सेंटर बनाने के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी। हाइकोर्ट की डिविजन बेंच ने सात जुलाई को सुरक्षित किया गया अपना फैसला सुनाते हुए गुरुवार को कहा कि याचिका फर्जी और आधारहीन है। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपए कॉस्ट लगा दी। यह राशि एक माह के अंदर सीएम रिलीफ फंड में जमा करने के निर्देश दिए गए।
यह है मामला
भोपाल के भुवनेश्वर कुमार ने याचिका दायर की। इसमें कहा गया कि कोविड-19 के मरीजों के उपचार का सेंटर चिरायु मेडिकल कॉलेज भैंसा खेड़ी भोपाल तथा बंसल अस्पताल शाहपुरा भोपाल को बनाया गया है। इनमें सरकार एक मरीज के इलाज के लिए प्रतिदिन 5400 रुपएका भुगतान कर रही है। जबकि, भोपाल में ही 100 बिस्तरों वाला हमीदिया अस्पताल है। वहां प्रशिक्षित डॉक्टर मौजूद हैं। लेकिन, वहां कोरोना के मरीजों का उपचार नहीं किया जा रहा। इसी प्रकार भोपाल में ही करीब 50 से अधिक बिस्तर वाला व्यवस्थित अस्पताल एम्स है। वहां भी कोरोना का इलाज पूरी तरह से नहीं हो रहा। भोपाल में और भी ऐसे शासकीय अस्पताल हैं, जहां कोविड-19 के मरीजों का उपचार हो सकता है। याचिका में कहा गया कि चिरायु अस्पताल के मालिक अजय गोयनका व्यापमं कांड के आरोपित भी हैं। उन्हें लाभ पहुंचाने की नीयत से ऐसा किया जा रहा है। आग्रह किया गया कि चिरायु अस्पताल एवं बंसल अस्पताल को प्रदेश सरकार की ओर से महामारी के दौरान अब तक किए गए भुगतान की जांच किसी एजेंसी से कराई जाए। इसके साथ ही कोरोना के मरीजों का उपचार शासकीय अस्पतालों में कराया जाए।
राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने जवाब पेश करते हुए कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार ही उक्तनिजी अस्पतालों को कोविड-19 के इलाज के लिए अधिकृत किया गया है। इन अस्पतालों को केंद्र सरकार के निर्देश के तहत बिस्तरों के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। मध्य प्रदेश सरकार जिन दरों पर इन अस्पतालों को भुगतान कर रही है, वे दिल्ली, मुंबई व अन्य कई प्रदेशों की तुलना में कम है। उन्होंने बताया कि उक्त अस्पतालों में जनरल बेड के लिए 1800 रुपए, ऑक्सीजन की व्यवस्था सहित बेड के लिए 2800 रुपए, आइसीयू सुविधा युक्तबेड के लिए 3600 रुपए व वेंटिलेटर की सुविधा युक्तबेड के लिए 4000 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है।

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govind thakre Editorial Incharge
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