एक समस्या के चलते रीयल एस्टेट कारोबार को लगा झटका

नक्शा पास कराना हुआ टेढ़ी खीर, भटक रहे लोग, रियल एस्टेट कारोबार के प्रोजेक्ट की चाल भी हुई सुस्त

जबलपुर. आशियाना बनाने के लिए कई परिवारों ने निर्माण सामग्री खरीद ली, लेकिन नगर निगम से नक्शा स्वीकृति का इंतजार खत्म नहीं हो रहा है। दो महीने से नक्शे के आवेदन लंबित हैं। नक्शा स्वीकृति में देरी से रीयल एस्टेट सेक्टर के प्रोजेक्ट्स की चाल भी सुस्त हो गई है। 25 प्रतिशत प्रोजेक्ट अटक रहे हैं। जोन कार्यालयों में नक्शा स्वीकृति का काम सौंपे जाने के बाद प्रक्रिया बेपटरी हो गई है।
हर माह आ रहे अस्सी से सौ आवेदन- रीयल एस्टेट सेक्टर से जुड़े अस्सी से सौ आवेदन हर महीने नगर निगम के जोन कार्यालयों में नक्शा स्वीकृति के लिए आते हैं। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार चौबीस घंटे में नक्शा स्वीकृत होना चाहिए। जानकारों के अनुसार निगम के जोन कार्यालयों में स्टाफ की कमी और नक्शा स्वीकृति प्रक्रिया में दक्ष नहीं होने से अधिकतर आवेदन अटक रहे हैं। भवन निर्माण के व्यक्तिगत प्रोजेक्ट्स का काम भी नहीं हो पा रहा है।

रीयल एस्टेट सेक्टर पर असर
1-2 बड़े प्रोजेक्ट के नक्शे के आवेदन आते हैं हर महीने
80-100 छोटे प्रोजेक्ट में नक्शे के आवेदन आते हैं हर माह
25% के लगभग प्रोजेक्ट प्रभावित


लोगों पर असर
75 से 80 आवेदन आते हैं रोजाना
15 जोन कार्यालयों में नक्शा स्वीकृति की व्यवस्था
03 लोगों का स्टाफ प्रत्येक जोन में पदस्थ
100 के लगभग लोग भटक रहे रोजाना
01 दिन में स्वीकृत होना चाहिए नक्शा
40-45 दिन का लगभग रहा
है समय
60 दिन व ज्यादा समय से भी कई केस लंबित


जानकारों के अनुसार ये करने की जरूरत
भूमि विकास नियम 2012 के अनुसार ज़ोन कार्यालयों में मापचित्र स्वीकृति प्रक्रिया के लिए सक्षम अधिकारी नियुक्ति हो
जोन में पदस्थ अधिकारियों को मापचित्र स्वीकृति संबंधी पर्याप्त ट्रेनिंग दी जाए
एबीपीएस 1 में लंबित प्रकरणों का तुरंत निराकरण किया जाए
एबीपीएस 2 में जमा प्रकरणों को समय सीमा में स्वीकृत किया जा
नगर निगम में जमा टैक्स रसीद के अतिरिक्त अलग से नो ड्यूज सर्टिफिकेट जमा करने का बंधन न रखा जाए
&भवन निर्माण के नक्शा स्वीकृति में हो रही देर की जोनवार समीक्षा करेंगे, जो भी समस्या आ रही है उसे दूर करने आवश्यक कदम उठाएंगे। जिससे आवेदन प्राप्त होने पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर नक्शा को अविलंब स्वीकृति दी जा सके।
आशीष कुमार
आयुक्त, नगर निगम

shivmangal singh
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