चारों तरफ पहाड़ों से घिरा है ये शहर, देश की सुरक्षा और सेना के लिए सबसे महत्वपूर्ण है

चारों तरफ पहाड़ों से घिरा है ये शहर, देश की सुरक्षा और सेना के लिए सबसे महत्वपूर्ण है
चारों तरफ पहाड़ों से घिरा है ये शहर, देश की सुरक्षा और सेना के लिए सबसे महत्वपूर्ण है

Pawan Tiwari | Updated: 23 Aug 2019, 12:17:06 PM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

  • देशभर में 41 ऑर्डनेंस फैक्ट्रियां हैं।
  • जबलपुर में सेना के लिए कई आवश्यक सामग्री का निर्माण किया जाता है।

जबलपुर. देशभर में ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों के करीब 80,000 कर्मचारी एक महीने की हड़ताल पर चले गए हैं। ये कर्मचारी डिफेंस फैक्ट्री ( आयुध निर्माणी ) के निगमीकरण या सार्वजनिक उपक्रम बनाए जाने के विरोध में हड़ताल पर गए हैं। देशभर में 41 ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों हैं। इनमें से 6 फैक्टियां मध्यप्रदेश में हैं। मध्यप्रदेश का जबलपुर शहर प्रदेश का तीसरा सबसे बड़ा शहर है। वहीं, देश के प्रमुख शहरों में से एक है।


क्यों महत्वपूर्ण है जबलपुर ?
मध्यप्रदेश की 6 में 4 ऑर्डनेंस फैक्ट्री अकेले जबलपुर शहर में हैं। जबलपुर में ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया, गन कैरिज फैक्ट्री ( जीसीएफ ), व्हीकल फैक्ट्री और ग्रे आयरन फाउंड्री नाम से चार आयुध निर्माणी कंपनियां हैं। इन फैक्ट्रियों में भारतीय सेना के लिए आवश्यक हथियार समेत कई आवश्यक सामग्रियां बनाई जाती हैं। रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में जबलपुर देश में बहुत ही खास अहमियत रखता है। जबलपुर की विभिन्न ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों में 155 एमएम धनुष तोप, एसॉल्ट राइफल, सेना के लिए लड़ाकू वाहन बनाए जाते हैं। इसी तरह 150 तरह के अन्य हथियार और गोला बारूद बनने का भी काम यहां होता है। गन कैरिज फैक्ट्री ( जीसीएफ ) में धनुष तोप का निर्माण होता है। खमरिया में हर तरीके के गोला-बारूद का निर्माण होता है। व्हीकल फैक्ट्री में सेना के लिए महत्वपूर्ण वाहन बनाते हैं और ग्रे आयरन फाउंड्री ( जीआईएफ ) एक सपोर्टिंग फैक्ट्री है।

 

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हड़ताल से क्या असर
अगर कर्मचारियों की हड़ताल एक महीने तक चलती है तो सेना को भेजी जाने वाली आवश्यक सप्लाई में कमी पड़ेगी। देश के रक्षा उत्पादन पर भी असर पड़ेगा। जबलपुर की इन चारों फैक्ट्री के लगभग 12,000 कर्मचारी काम करते हैं इनके काम नहीं करने से उत्पादन पर असर पड़ सकता है।

 

पहाड़ियों के बीच में है शहर
जबलपुर गोंड राजाओं की राजधानी थी। जाबालि ऋषि की तपोभूमि भी रहा है। कहा जाता है कि उनके नाम पर ही इस स्थान का नाम जबलपुर रखा गया था। जबलपुर चारों ओर पहाड़ियों से घिरा हुआ है। जिस कारण यहां पर्यावरण भी सुरक्षित है।

 

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देशभर में कितनी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री
देश भर में 41 ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों हैं। चंडीगढ़, तेलंगाना, ओडिशा और बिहार में एक-एक, उत्तराखंड में 02, उत्तर प्रदेश में 09, मध्य प्रदेश में 6, पश्चिम बंगाल में चार, महाराष्ट्र में 10 और तमिलनाडु में छह रक्षा उत्पादन इकाइयां हैं। देश में ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों को ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड संचालित करता है। जिसका मुख्यालय कोलकाता में है। ये बोर्ड रक्षा उत्पादन, टेस्टिंग, परिवहन, शोध और विकास का कार्य करता है।

 

पश्चिम-मध्य रेल का जोनल ऑफिस
रक्षा के साथ-साथ जबलपुर यातायात के लिए भी प्रदेश और देश का महत्वपूर्ण शहर है। जबलपुर पश्चिम-मध्य रेलवे का हेडक्वार्टर है। यहां से देश के सभी हिस्सों में आसनी से पहुंचा जा सकता है।

 


पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण
जबलपुर पर्यटन की दृष्टि से भी कभी महत्वपूर्ण हैं। यहां भारतीय के साथ साथ बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी आते हैं। नदी-झरने यहां सैलानियों को आने के लिए मजबूर करती हैं। यहां धार्मिक आस्था के रूप में मां नर्मदा नदी हैं तो धुंआधार जल प्रपात भी देखने लायक है। सफेद संगमरमर की चट्टानों के बीच से बहने वाली नर्मदा घाटी का प्राकृतिक सौंदर्य अद्भुत है।

 

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