पद्मावत के निर्देशक भंसाली व कलाकारों के खिलाफ परिवाद पर फैसला सुरक्षित

जिला अदालत में एक घंटे चली सुनवाई

By: deepak deewan

Published: 26 Jan 2018, 10:56 AM IST

जबलपुर . फिल्म 'पद्मावत के निर्देशक संजय लीला भंसाली, अभिनेता रणवीर सिंह , शाहिद कपूर और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के खिलाफ दायर आपराधिक परिवाद पर जिला अदालत ने गुरुवार को सुनवाई पूरी की। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी संजय अग्रवाल की कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया। २९ जनवरी को फैसला सुनाया जाएगा। जबलपुर के अधिवक्ता अमित साहू ने परिवाद में एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।


ये है मामला- अधिवक्ता साहू ने परिवाद में कहा है कि फिल्म में इतिहास से छेड़छाड़ व समाज के एक वर्ग विशेष की भावनाओं को भड़काने का प्रयास किया गया है। उन्होंने निर्देशक भंसाली व फिल्म की स्टार कास्ट के खिलाफ २१ नवम्बर २०१७ को अधारताल थाने में शिकायत प्रस्तुत की थी। कार्रवाई न होने पर उन्होंने एसपी व सिविल लाइंस थाना प्रभारी को शिकायत देकर कहा, पद्मावत ? फिल्म के जरिए देश के एक बड़े वर्ग विशेष की एेतिहासिक व धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है। २१ नवंबर २०१७ को अधारताल थाने में शिकायत प्रस्तुत की थी उसमें फिल्म के निर्देशक व कलाकारों के खिलाफ भादंवि की धाराओं २९५, २९५ क, २९८, १५३ क व ख, ४९९, ५००, ५०१, ५०३, ५०४ व ५०५ (२) के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। इसके लिए फिल्म के निर्देशक व कलाकारों के खिलाफ भादंवि की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। उन्होंने तर्क दिया, फिल्म के जरिए देश में धार्मिक वैमनस्यता फैलाने व शांति व्यवस्था भंग करने की साजिश की गई है। इसके लिए प्रत्यक्ष रूप से निर्देशक व कलाकार जिम्मेदार हैं। तर्कों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया।


बढ़ रही है कटुता
प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी संजय अग्रवाल की अदालत में बुधवार को फाइल किए गए इस कम्पलेंट केस के माध्यम से फिल्म के निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली, अभिनेत्री दीपिका पादुकोण, अभिनेता रणवीर सिंह व शाहिद कपूर के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने पर बल दिया गया है। इसमें कहा गया है कि पद्मावत फिल्म बनाकर वर्ग विशेष की धार्मिक व सामाजिक भावनाओं को भड़काने की गलती की गई है। इससे राष्ट्रीय एकता और अखंडता पर असर पड़ रहा है। परस्पर वैमनस्य और कटुता पैदा होने की स्थिति निर्मित हो गई है। इससे पहले जबलपुर के एसपी और सिविल लाइन टीआई को शिकायतें सौंपी गई थीं जिसमें फिल्म के निर्माता-निर्देशक और कलाकारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। कोर्ट ने मामले की सुनवाई 25 जनवरी को निर्धारित की है।




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