painful story of life: बेटी ने चाय के साथ पी लिया जहर, वजह जानकार कांप गई रूह

फोन पर लड़के देते थे घर से उठा लेने की धमकी, पुलिस ने नहीं सुनी तो बालिका ने पी लिया जहर

By: Premshankar Tiwari

Published: 17 Feb 2018, 02:44 PM IST

जबलपुर। छेडख़ानी की घटनाओं से बच्चियां कितनी दशहत में हैं, इसकी एक और दहलाने वाली बानगी शनिवार को प्रकाश में आयी। शोहदों से त्रस्त एक लड़की ने चाय के साथ जहर पीकर आत्महत्या कर ली। दरअसल तीन शोहदों से वह इतना परेशान हो चुकी थी कि मौत को चुनने के अलावा उसके पास दूसरा कोई विकल्प नहीं बचा। उसने पुलिस से भी गुहार लगाई, लेकिन हमेशा की तरह वर्दी खामोश रही। बेटी को कोई रास्ता नहीं सूझा तो उसने भी सदा के लिए खामोशी ओढ़ ली। घटना के बारे में जिसने भी सुना उसकी रूह कांप गई। बच्ची की मौत के बाद अब पुलिस हरकत में आयी है। दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

तीन माह से छेडख़ानी
पनागर के समीपी ग्राम निवासी 16 वर्षीय लड़की पुष्पा (बदला हुआ नाम) ने पुलिस को दिए गए बयान में कहा है कि मोहनिया गांव का रहने वाला आशीष राजभर उसे पिछले करीब तीन माह से परेशान कर रहा था। वह बाइक पर अक्सर उसका पीछा करता था। पुष्पा ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इसके बाद आशीष ने कहीं से उसका मोबाइल नंबर प्राप्त कर लिया। वह जब तब फोन लगाकर उससे अश्लील बातें करने लगा। आशीष यहीं नहीं रुका उसने एलआइसी के समीप मदनमहल जबलपुर निवासी अपने दोस्त अंशुल राजभर और भानू से भी पुष्पा को फोन कराया। तीनों उससे अश्लील बातें करने लगे। पुष्पा ने परिजनों को इसकी जानकारी दी और फोन अटेंड करना ही बंद कर दिया।

उठा लेने की धमकी
बताया गया है कि तीनों आरोपित अक्सर उसे छेड़ते थे। एक दिन पुष्पा ने विरोध किया तो तीनों ने उसे घर से उठा लेने की धमकी दी। पुष्पा ने परिजनों को पूरी बात बतायी। परिजनों के साथ पुष्पा ने पनागर थाने जाकर आप बीती सुनाई। छेडख़ानी व धमकी देने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने कागजी औपचारिकता निभाकर अपने काम की इतिश्री कर ली। इससे पुष्पा के परिजन भी हताश और परेशान थे।

चुना मौत का रास्ता
शोहदों की छेडख़ानी और पुलिस की उदासीनता से निराश पुष्पा को बस एक ही रास्ता नजर आया। परिजनों की परेशानी और 10 फरवरी की रात चाय बनाकर उसमें कीटनाशक मिला लिया और उसे पी गई। उल्टियां होने पर उसने मां से पूरी बात बतायी। परिजन ने तुरंत उसे जबलपुर के एक निजी अस्पताल में लाकर भर्ती कराया, जहां शुक्रवार को पुष्पा सदा के लिए खामोश हो गई।

दो गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार पुष्पा के साथ छेडख़ानी करने और उसे आत्महत्या के लिए विवश करने के आरोप में दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। तीसरा फरार हो गया है। बेटी की मौत से परिजन ही नहीं पूरा गांव दुखी और द्रवित है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस यदि समय रहते कार्रवाई कर देती तो बेटी को मौत का यह रास्ता नहीं चुनना पड़ता। बेटी की मौत के लिए कहीं न कहीं पुलिस की उदासीनता भी जिम्मेदार है।

Premshankar Tiwari Desk
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