सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में शुरू होगी पैथोलॉजी एवं बायोकेमिस्ट्री लैब

ब्लड, यूरिन टेस्ट के लिए नहीं लगाना पड़ेगा लंबा फेरा

By: Lalit kostha

Updated: 22 Jul 2021, 12:27 PM IST

जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में आने वाले मरीजों की यूरिन, ब्लड संबंधी जांच की परेशानी कम होने जा रही है। हॉस्पिटल की ओपीडी में जांच के लिए आने वाले मरीजों की जांच वहीं हो सकेगी। हॉस्पिटल में अलग पैथोलॉजी एवं बायोकैमेस्ट्री लैब बनाई जा रही है। इसके शुरू होने से मरीजों को जांच के लिए मेडिकल अस्पताल के सेंट्रल लैब के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे। उनके नमूने की सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल की बिल्ंिडग में ही जांच हो जाएगी। इधर, एल्गिन अस्पताल में एफरेसिस मशीन स्थापित की गई है। इससे अस्पताल में प्लेटलेट्स अलग निकालने की सुविधा उपलब्ध हो गई है।

15 दिन में शुरू हो जाएगी लैब
सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में बायोकैमेस्ट्री लैब के लिए नई एनालाइजर मशीन आ चुकी है। पैथोलॉजी जांच के लिए भी जरूरी सामग्री मंगवा ली गई है। लैब से लेकर मरीजों के नमूने एकत्र करने के लिए जगह चिन्हित है। दोनों लैब के लिए आवश्यक सामग्री एवं संसाधन जुटाकर 15 दिन के अंदर नई व्यवस्था प्रारंभ करने की तैयारी है। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. पीके कसार के अनुसार सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में पैथोलॉजी व ब्लड टेस्ट की समस्या थी। मरीजों की सुविधा के लिए उसी भवन में लैब बनाने का निर्णय हुआ है। इसे जल्द प्रारंभ कर दिया जाएगा। सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के मरीजों की पैथोलॉजी एवं बायोकैमेस्ट्री जांच अभी सेंट्रल लैब में होती है।

एल्गिन अस्पताल में एफरेसिस मशीन शुरू
एल्गिन अस्पताल में स्थापित की गई एफरेसिस मशीन सांसद विवेक तन्खा ने सांसद निधि से प्रदान की है। मशीन ने मंगलवार से काम करना शुरू कर दिया है। सिंगल डोनर प्लेटलेट्स की सुविधा उपलब्ध हो गई है। मेडिकल कॉलेज के बाद एल्गिन जिले का दूसरा सरकारी अस्पताल बन गया है जहां ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स निकालने की सुविधा है। एफरेसिस मशीन के उपयोग से दानदाता का पूरा रक्त लेने की आवश्यकता नहीं होती है।

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Lalit kostha Desk
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