पात्रता है फिर भी नहीं मिल रहा अनाज

कलेक्टर कार्यालय में शिकायत लेकर पहुंच रही भीड़

By: Sanjay Umrey

Published: 17 Jun 2020, 06:14 PM IST

जबलपुर। कोरोना वायरस के संकट के बीच कई गरीब परिवारों की पात्रता पर्ची नहीं आने से वे खाद्यान्न के लिए भटक रहे हैं। कलेक्टर कार्यालय में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में रोजाना सैकड़ों कार्डधारी परिवार के सदस्य पहुंच रहे हैं। वे पात्रता पर्ची नहीं मिलने की शिकायत करते हैं, तो उन्हें जवाब दे दिया जाता है कि शासन की तरफ से ही यह नहीं भेजी जा रही है। ऐसे में बड़ी तादाद में लोग राशन दुकान से मिलने वाली सामग्री से वंचित हैं।
जिले में करीब 995 राशन दुकानें हैं। कार्डधारियों की संख्या 4 लाख 2 हजार 255 है। कोरोना संकटकाल में शासकीय योजनाओं में बिना पर्ची वाले गरीबों को भी राशन दिया गया है। जबकि, कई राशन दुकान संचालक अलग-अलग बहाना बनाकर कार्डधारियों को इस सुविधा से वंचित रख रहे हैं।
रोजाना लम्बी कतार
अभी मुख्य समस्या पात्रता पर्ची की है। हालांकि यह कोई नई परेशानी नहीं है। हजारों लोगों की पात्रता पर्ची भोपाल में अटकी हुई हैं। शासन इसे जारी ही नहीं कर रहा है।
इसकी वजह अपात्र परिवारों की संख्या ज्यादा बताई जा रही थी। इसलिए कांग्रेस शासनकाल में राशन कार्ड के सत्यापन का काम शुरू किया गया था। वह अधूरा रह गया। कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण पूरा काम ठप हो गया है।
पात्रता पर्ची जारी होने का काम शासन स्तर पर होना है। इसके लिए पत्राचार किया जाता है। अभी जो कार्ड आधार से लिंक नहीं थे, उन्हें अपडेट किया जा रहा है।
एमएनएच खान, जिला आपूर्ति अधिकारी
पथ विक्रे ताओं को जोड़ेंगे रोजगार से
छावनी परिषद् क्षेत्र के पथ विक्रे ताओं को भी आत्मनिर्भर योजना के माध्यम से रोजगार से जोड़ा जाएगा। मंगलवार को विधायक अशोक रोहाणी ने के न्ट क्षेत्र के पथ विक्रे ताओं को योजना से जोडऩे को लेकर चर्चा की। कलेक्टर भरत यादव ने आश्वस्त किया कि शासन की योजना के तहत के न्ट क्षेत्र के पथ विक्रे ताओं को भी रोजगार से जोड़ा जाएगा। विधायक रोहाणी ने इन हितग्राहियों प्रधानमंत्री आवास योजना, संबल योजना से जोडऩे की मांगब को लेकर चर्चा की।
तो लाइसेंस निरस्त
पथ विक्रताओं के पंजीयन कार्य में किसी भी एमपी ऑनलाइन केन्द्र में अगर अतिरिक्त शुल्क वसूली जाती है तो उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। निगमायुक्त ने एमपी ऑनलाइन केन्द्रों के संचालकों को ये चेताया है। उन्होंने बताया कि कुछ पथ विक्रेताओं ने बताया कि पंजीयन के लिए केंद्रों में अतिरिक्त शुल्क की मांग की जा रही है। इसके बाद निगमायुक्त ने प्रबंधक जिला ई-गवर्नेंस को मामला संज्ञान में लाते हुए निर्णय लिया है कि अगर अब किसी पथ विक्रेता के द्वारा अतिरिक्त शुल्क लेने की शिकायत की जाती है तो उक्तकेंद्र का लायसेंस निरस्त किया जाएगा। इस सम्बंध में जिला ई-गवर्नेंस के डिस्ट्रिक कोऑडिनेटर कुलदीप तिवारी को भी अवगत कराया गया है।

Sanjay Umrey
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