पटवारी परीक्षा के लिए प्रशासन ने की पहल, परीक्षार्थियों को ऐसे मिलेगा फायदा

deepak deewan

Publish: Dec, 08 2017 08:37:13 (IST)

Jabalpur, Madhya Pradesh, India
पटवारी परीक्षा के लिए प्रशासन ने की पहल, परीक्षार्थियों को ऐसे मिलेगा फायदा

प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) द्वारा ९ दिसम्बर से शुरू हो रही पटवारी परीक्षा के लिए कई नए प्रयोग किए जा रहे हैं

जबलपुर. प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) द्वारा ९ दिसम्बर से शुरू हो रही पटवारी परीक्षा के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इस परीक्षा के लिए कई नए प्रयोग किए जा रहे हैं जिससे परीक्षार्थियों को अंतत: फायदा ही होगा। पीईबी की यह परीक्षा सख्त पहरे में होगी। परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए द्विस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। परीक्षार्थियों को कई सुरक्षा मापदंडों को क्रॉस कर परीक्षा हॉल तक जाना होगा।


ऑब्जर्वर के रूप में प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति
केंद्रों में ऑब्जर्वर के रूप में प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। कॉलेज स्तर पर भी अधिकारियों की तैनाती की गई है। बताया गया कि शहर में परीक्षा के लिए ११ केन्द्र बनाए गए हैं। २९ दिसम्बर तक विभिन्न चरणों में होने वाली परीक्षा में लगभग ९० हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे, जबकि प्रदेश भर में १० लाख २० हजार उम्मीदवार शामिल होंगे।


दो बार लिए जाएंगे फिंगर प्रिंट
अभी तक प्रतियोगी परीक्षाओं में उम्मीदवारों के फिंगर प्रिंट एक बार लिए जाते थे। इस बार पीईबी ने दो बार बायोमेट्रिक जांच कराने का निर्णय किया है। केन्द्र में प्रवेश के पहले उम्मीदवार की बायोमेट्रिक जांच होगी। परीक्षा समाप्त होने के बाद भी फिंगर प्रिंट लिए जाएंगे।


तीन दिन पहले जनरेट होगा सेंटर
परीक्षा के दौरान पूर्व में सेंटरों की जानकारी एक पखवाड़े पहले ही उम्मीदवारों को मिल जाती थी। पीईबी ने इस बार शहरों की घोषणा तो कर दी है, लेकिन परीक्षा केन्द्र की जानकारी नहीं दी। परीक्षा के तीन दिन पहले उम्मीदवारों के परीक्षा केन्द्र जनरेट होंगे।


दिनभर चली जांच
कॉलेजों में तकनीकी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए गुरुवार को व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। एग्जाम कंडक्ट कराने वाली निजी एजेंसी के अधिकारियों ने केन्द्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। पावर बैकअप सिस्टम, डीजी सिस्टम की जांच की। परीक्षा के दौरान सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी आने पर परेशानी से बचने के लिए हर कॉलेज में १० फीसदी बफर सिस्टम रिजर्व किए गए हैं।

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