नए बिल से हो अधिग्रहित भूमि का भुगतान

नए बिल से हो अधिग्रहित भूमि का भुगतान
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पुराने नियम से दिया जा रहा मुआवजा, बांधवगढ़ रिजर्व के लिए अधिग्रहित भूमि का मामला

जबलपुर। बांधवगढ़ के पनपथा फॉरेस्ट रिजर्व के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि का मुआवजा पुराने भू-अधिग्रहण अधिनियम के तहत दिए जाने को मप्र हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन और न्यायाधीश एसके सेठ की युगलपीठ ने मामले में राज्य सरकार, वन विभाग, एनजीटी को नोटिस जारी कर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
2013 में नया भूमि अधिग्रहण बिल
पनपथा निवासी सुरेन्द्र प्रतात सिंह, बच्चू बैगा और अन्य की ओर से दायर याचिका  में कहा गया कि उमरिया कलेक्टर ने 18 नवम्बर 1996 को ग्रीन फॉरेस्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी किया था। मुआवजे की घोषणा 21 दिसम्बर 2008 को की गई। प्रभावितों को कुल 10 लाख रुपए एकमुश्त स्वीकृत किए गए, लेकिन यह राशि अब तक नहीं मिल सकी है। कलेक्टर की ओर से जारी नोटिफिकेशन को चुनौती देते हुए कहा गया है कि 2013 में नया भूमि अधिग्रहण बिल आ गया है। इस आधार पर विस्थापितों को मुआवजा दिया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आदर्श मुनि त्रिवेदी ने पक्ष रखा।

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