पवित्र तालाब का जहरीला पानी, यहीं होता है गणेशोत्सव, दुर्गा विसर्जन - देखें वीडियो

पवित्र तालाब का जहरीला पानी, यहीं होता है गणेशोत्सव, दुर्गा विसर्जन - देखें वीडियो

By: Lalit kostha

Updated: 07 Sep 2021, 10:58 AM IST

जबलपुर। सराफा, मिलौनीगंज, भानतलैया क्षेत्र के बीच एहतिहासिक तालाब हनुमानताल के पानी में कचरा उतरा रहा है। यह कचरा एक जगह ही नहीं है बल्कि तालाब के चारों ओर किनारों पर देखा जा सकता है। तालाब के सौंदयीकरण के तहत यहां पाथवे आदि बनाकर इसे सुरक्षित किया गया था लेकिन समय गुजरने के साथ यहां की व्यवस्थाएं पुराने ढर्रे पर आ गई है, जिससे तालाब में कूड़ा फेंका जाने लगा है।

हनुमानताल तालाब के सौदर्यीकरण के तहत यहां तालाब के चारों ओर पाथवे, पार्क सहित पार्किंग आदि को विकसित किया गया था। जगह-जगह तालाब व्यू के लिए बैठक व्यवस्था और अन्य आकर्षक ढांचे तैयार किए गए थे। इसके पूर्व तालाब को खाली करके उसकी सिल्ट भी निकाली गई थी। तालाब को नया रूप देने के साथ यहां बनाई गई व्यवस्थाओं के तहत तालाब में कूड़ा फेंकने पर प्रतिबंध भी लगाया गया था लेकिन समय गुजरने के साथ ये व्यवस्थाएं ठप हो गई हैं। तालाब में खुलेआम पूजन सामग्री के साथ अन्य कचरा फेंका जाने लगा है, जिससे तालाब का स्वरूप बिगड़ रहा है।

 

डोर टू डोर गाड़ी नहीं आती- हनुमानताल क्षेत्र में लोगों से बातचीत में यह सामने आया है कि यहां डोर टू डोर कचरा संग्रहण करने वाली गाडिय़ां नियमित रूप से नहीं आ रही है। इससे हो यह रहा है कि घरों से निकलने वाले कचरे को तालाब के किनारे रख दिया जाता है। यहां वाहनों की आवाजाही और हवा-पानी की वजह से यह तालाब के पानी में मिल रहा है।

पूजन सामग्री फेंकने वालों पर निगरानी नहीं- तालाब में पूजन सामग्री सबसे ज्यादा फेंकी जा रही है। इस पर निगरानी रखने का कोई इंतजाम नहीं है। लोग कहते हैं वे इसे देखने पर लोगों को टोकते हैं लेकिन वे विवाद करने लगते हैं तो फिर इसमें कुछ भी नहीं होता है। कचरा फैल रहा है, दवा का छिडक़ाव भी नहीं है।

सौंदर्यीकरण हो रहा क्षतिग्रस्त- नगर निगम की निगरानी और देखरख नहीं होने की वजह से तालाब के किनारे विकसित किए गए ढांचे क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। इसमें पाथवे जर्जर हो चुका है। बैठक व्यवस्था समाप्त हो चुकी है। यहां लोगों ने अतिक्रमण करके सामान रखने शुरू कर दिए हैं। लोग मवेशी बांध रहे हैं। घरों से निकलने वाला मलबा फेंका जा रहा है, जिससे यहां सौदर्यीकरण ने दम तोड़ दिया है।

इस क्षेत्र में सफाई करने वाले जाते हैं। कचरा भी उठाया जा रहा है। हो सकता है कि कभी गाड़ी वहां न गई हो।
- भूपेंद्र सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम

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