shocking news: शातिर बदमाश से टीआइ मंगवाता था सब्जी-भाजी, ब्रेड-पनीर, गोवा टूर की tickets भी कराई

एटीएम क्लोनिंग गैंग के गुर्गे से याराना, क्राइम ब्रांच द्वारा दबोचने के बावजूद टीआइ ने आरोपी को छोड़ दिया था

जबलपुर. एटीएम कार्ड की क्लोनिंग कर ठगी करने वाले प्रतापगढ़ गिरोह के अहम गुर्गे माजिद मूसा से पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी ने उपनगरीय क्षेत्र में पदस्थ एक थाना प्रभारी (टीआइ) को पिछले साल के वीकेंड पर गोवा की सैर का पैकेज दिया था। इसमें आरोपी की ओर से टीआइ के लिए सपरिवार गोवा तक आने जाने के लिए रेल टिकट बुक कराई गई थी। आरोपी ने पूछताछ में टीआइ की मांग पर रोजमर्रा के सामान पहुंचाने की बात स्वीकार की है। इस संबंध में आरोपी और थाना प्रभारी के बीच हुई चैटिंग भी मिली है। ठग गिरोह के सदस्य और थाना प्रभारी की नजदीकी सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हडक़ंप मच गया है।

सात महीने पहले पकड़ाया था मूसा

ओमती थाने में दर्ज धोखाधड़ी, एटीएम कार्ड क्लोनिंग और अन्य मामलों में फरार नया मोहल्ला निवासी माजिद मूसा को क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ निवासी चार आरोपियों के साथ गिरफ्तार किया था। चारों आरोपियों के साथ ही मूसा को ओमती थाना के सुपुर्द किया था। तत्कालीन थाना प्रभारी को जांच में ठगी और जालसाजी में मूसा की भूमिका नहीं मिली थी। उसे यह कहकर छोड़ दिया था कि उसका पता एवं अन्य जानकारियां है, जरुरत पडऩे पर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद संबंधित थाना प्रभारी आरोपी मूसा द्वारा पनीर, ब्रेड, सब्जी से लेकर ट्रेन टिकट बुक कराने की जानकारी मिलने पुलिस अधिकारी की भूमिका संदिग्ध हो गई है।

गिरफ्तारी के लिए घोषित करना पड़ा ईनाम

तत्कालीन थाना प्रभारी ने प्रतापगढ़ निवासी चार आरोपियों के साथ गिरफ्तार किए मूसा को आसानी पकडऩे की बात कही थी। लेकिन थाना प्रभारी का संरक्षण मिलने पर बाहर आने के कुछ दिनों बाद ही मूसा फरार हो गया। पुलिस को जांच में आगे जब मूसा की भूमिका संदिग्ध मिली तो उसे गिरफ्तार करने के लिए ढाई हजार रुपए का ईनाम घोषित करना पड़ा। करीब छह महीने तक छापेमारी और मुखबिरी के बाद आरोपी को दबोचा जा सका। आरोपी को क्राइम ब्रांच द्वारा पकड़े जाने के बाद थाना स्तर छोड़ दिए जाने से टीआइ की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।

टीआइ से लगातार बना रहा संपर्क

जिस आरोपी को जरुरत पडऩे पर तुरंत दबोचने की बात कहकर टीआइ ने थाने से जाने दिया था, उसे पकडऩे में भले ही ओमती पुलिस को पसीना छूट गया। लेकिन ओमती थाना के पूर्व थाना प्रभारी से उसका संपर्क लगातार बना रहा। टीआइ और आरोपी मूसा के बीच जून और जुलाई, 2019 के बीच लगातार चैटिंग हुई। जब पुलिस आरोपी को ढूंढ रही थी उस दौरान भी टीआइ और मूसा के बीच नवंबर और दिसंबर, 2019 के बीच लगातार चैटिंग हुई। इसमें टीआई द्वारा आरोपी को जून महीने में उसके विरुद्ध शिकंजा कसने को लेकर अलर्ट करने वाला मैसेज भी किया।

अशांति फैलने पर ऐन वक्त पर टूर कैंसिल

सूत्रों के अनुसार पुलिस जांच में जानकारी मिली है कि थाना प्रभारी के सपरिवार गोवा सैर के लिए शातिर आरोपी की ओर से चार अलग-अलग रेल टिकट बुक की गई थी। इसमें 21 दिसंबर को एक टिकट थाना प्रभारी एवं एक अन्य यात्री के लिए है। इसी ट्रेन में संबंधित तिथि पर जबलपुर से मडगांव तक के लिए थाना प्रभारी की पत्नी सहित दो अन्य यात्री की टिकट बुक हुई है। वापसी के लिए भी इसी प्रकार अलग-अलग दो टिकट 25 दिसंबर, 2019 को वास्कोडिगाम से जबलपुर के लिए बुक की गई है। हालांकि गोवा टूर के पहले शहर में चार थाना क्षेत्रों में अशांति फैलने पर टीआइ का टूर कैंसिल हो गया था। लेकिन उनके परिवार के बाकी लोगों के वीकेंड पर गोवा घूमने जाने की बात सामने आयी है। पुलिस को पूछताछ में आरोपी ने और भी कई चौंकाने वाली जानकारी दी है। ओमती पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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deepankar roy Reporting
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