Devika murder:पुलिस ने देविका का ‘फीमर बोन’ जांच के लिए एफएसएल सागर भिजवाया

देविका हत्याकांड : सागर स्थिल लैब में होगी जांच, रिपोर्ट से पता चलेगा लाश कितने दिन पुरानी, मौत डूबने से पहले या बाद में हुई

By: santosh singh

Published: 01 Mar 2020, 12:47 PM IST

जबलपुर . तिलवारा थाना क्षेत्र स्थित भैरव नगर से 16 जनवरी की रात अगवा कर डेढ़ वर्षीय देविका की हत्या के मामले में पुलिस अब वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर आगे बढ़ती दिख रही है। पुलिस ने देविका का फीमर बोन (गर्दन की हड्डी का टुकड़ा) एफएसएल के माध्यम से जब्त कराते हुए सागर लैब भिजवाया है। इसकी रिपोर्ट से स्पष्ट रूप से पता चलेगा कि देविका की मौत कुएं में डूबने से पहले या बाद में हुई। वहीं उसकी लाश कितनी पुरानी थी।
वैज्ञानिक पुष्टि के लिए फीमर बोन की जांच
जानकारी के अनुसार पुलिस के पास अभी इस मामले में पीएम रिपोर्ट ही साक्ष्य के तौर पर है। इसके अलावा देविका की लाश, उसके कपड़े, नॉयलान की रस्सी आदि है। पीएम रिपोर्ट में भले ही एंटी मार्टम बताया गया हो, लेकिन इसकी वैज्ञानिक पुष्टि के लिए फीमर बोन की जांच जरूरी है। इसकी रिपोर्ट अहम साक्ष्य साबित होगा। इसी से पता चलेगा कि देविका की हत्या उसके गायब होने की रात की गई या फिर बाद में उसे कुएं में फेंका गया।
फिर से परिवार वालों के बयान लेगी पुलिस
वहीं पुलिस इस मामले में एक बार फिर से देविका के सभी परिवार वालों के बयान दर्ज करने में जुटी है। इसके पूर्व भी देविका के परिवारजन के बयान पुलिस दर्ज कर चुकी है। पुलिस को कुछ जानकारी ऐसी भी मिली है, जो इस केस में नया मोड़ साबित हो सकती है। इसकी पुष्टि के लिए सेंट्रल जेल से जानकारी जुटाई जा रही है।
ये है मामला
16 जनवरी की रात मां प्रीति और पिता सोनू के साथ सोते समय डेढ़ वर्षीय देविका को अगवा कर लिया गया। 26 फरवरी को उसकी लाश घर से 800 मीटर दूर पहाड़ी स्थित कुएं में मिली। उसके गले में नायलान की रस्सी से पत्थरों से भरी 15 किलो वजनी बोरी बांधकर फेंका गया था। पुलिस तीन संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

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