पॉलिटिकल पॉवर: सत्ता में आते ही विधायक संजय पाठक की खदानें फिर शुरू, कमलनाथ सरकार में लगी थी रोक

पॉलिटिकल पॉवर: सत्ता में आते ही विधायक संजय पाठक की खदानें फिर शुरू, कमलनाथ सरकार में लगी थी रोक

By: Lalit kostha

Published: 08 Jul 2020, 11:00 AM IST

जबलपुर। सिहोरा में आयरन ओर के अवैध खनन के मामले में प्रशासन का रसूख के सामने घुटना टेक देने वाला रवैया सामने आया है। यहां सत्ता में आते ही निर्मला मिनरल्स नाम से चल रही विधायक संजय पाठक की खदानों में फिर से खनन शुरू हो गया है। इससे पहले इस खदान के वन विभाग की जमीन पर होने की बात सामने आने पर कलेक्टर ने रोक लगाने के आदेश दिए थे। लेकिन, तत्कालीन कमिश्नर ने इस आदेश को खारिज कर खदानों को फिर से अनुमति दे दी। अब वन विभाग भी हाथ पर हाथ धरे बैठा है।

रसूख के आगे प्रशासन सुस्त: अवैध खनन रोकने का आदेश तत्कालीन कमिश्नर ने पलटा

वन विभाग खुद की जमीन पर खनन का मामला लेकर सुप्रीम कोर्ट गया था। तब कोर्ट ने खनन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इसी आधार पर कलेक्टर ने 4 मार्च को अगरिया और दुबरिया की खदानों पर रोक लगा दी। 11 दिन बाद तत्कालीन कमिश्नर रवींद्र मिश्रा ने मेसर्स निर्मला मिनरल्स के आवेदन पर सुनवाई कर कलेक्टर के रोक संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया।

 

mla sanjay pathak

पहले भी लगी थी खनन पर रोक
वनमंडल अधिकारी जबलपुर के 7 जून 2019 के पत्र के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने 3 मई 2019 को खनन बंद करने के लिए निर्देशित किया था। 10 जून को कलेक्टर ने खनन पर रोक भी लगा दी। इस बीच निर्मला मिनरल्स के अभ्यावेदन व तत्कालीन महाधिवक्ता से प्राप्त अभिमत के आधार पर कलेक्टर ने अपने 10 जून के रोक संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया था।

कमिश्नर कोर्ट के आदेश के आधार पर खदानों को चालू कर दिया गया है। यदि इस निर्णय पर वन विभाग को आपत्ति है तो वह न्यायालय में अपील कर सकता है।
- भरत यादव, कलेक्टर, जबलपुर

शासन ने खदान में खनन की अनुमति दी है, उस पर कुछ नहीं कह सकते। लेकिन, विभाग ने उच्चतम न्यायालय में केस दायर किया है, जो विचाराधीन है।
- आरडी महला, सीसीएफ

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