सूर्याेदय के साथ ही शुरु हो गया पुण्य काल का स्नान-दान, इस घाट पर सबसे ज्यादा गहमागहमी

ज्योतिर्विदों के अनुसार पर मकर संक्रांति का विशेष पुण्य काल सोमवार सूर्योदय से मध्याह्न तक है

By: deepak deewan

Published: 15 Jan 2018, 07:57 AM IST

जबलपुर. रविवार के बाद मकर संक्रांति पर नर्मदा स्नान के लिए सोमवार को भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। ज्योतिर्विदों के अनुसार पर मकर संक्रांति का विशेष पुण्य काल सोमवार सूर्योदय से मध्याह्न तक है। ऐसे में सुबह से ही शहर और आसपास के नर्मदा तट गुलजार हो गए। काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने नर्मदा स्नान किया और आंचमन, सूर्य देव को अघ्र्य शुरू हो गया। भजन-कीर्तन, अनुष्ठान और मात् नर्मदे हर... के स्वर गंूजते रहे। सोमवार को दिनभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने की संभावना है।


बच्चे-बुजुर्ग उठा रहे आनंद
रविवार को भी मकर संक्रांति पर्व की धूम रही। शहर के ग्वारीघाट में सबसे ज्यादा गहमागहमी रही। यहां करीब एक किमी तक जन सैलाब नजर आया। नाविकों ने दो नावें आपस में बांधकर सुविधा मुहैया कराई। वहीं तिलवाराघाट में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। सुरक्षा के लिहाज से नौकायन पर रोक थी। बच्चों ने झूले का आनन्द उठाया बड़ों ने खरीददारी की। तट और शनि मंदिर में भजन-कीर्तन व भंडारे हुए। सोमवार को भी यही नजारा दिख रहा है। सरस्वतीघाट, भेड़ाघाट, धुआंधार, लम्हेटाघाट, जिलहरीघाट, कालीघाट, खारीघाट में काफी लोग पहुंचे हैं और पर्व का आनंद उइा रहे हैं।


भर्ता-बाटी बनाई
कुछ श्रद्धालुओं ने तट पर गक्कड़-भर्ता, पूड़ी सब्जी बनाई। दूसरों में बांटकर पुण्य अर्जित किया।भंडारा करने वाले श्रद्धालुओं ने स्वच्छता का ध्यान रखा। डस्टबिन रखे गए और उनमें ही दौना-पत्तल डालने की प्रेरणा दी। नीचे गिरे दौने आदि उठाकर डस्टबिन में डाले। तट से झंडा चौक तक स्वच्छता के प्रति जागरुकता दिखी। तिलवाराघाट में एक संस्था के सदस्यों ने जगह-जगह से कचरा उठाकर स्वच्छता की प्रेरणा दी।नगर निगम द्वारा घाट से दूर किए चेंजिंग रूम वापस नहीं मंगाए गए। उमाघाट से सिद्धघाट तक सिर्फ तीन चेंजिंग रूम हैं। आवश्यकता पडऩे पर महिलाओं को प्रतीक्षा करना पड़ी। झंडा चौक से ग्वारीघाट तक वाहनों को प्रवेश प्रतिबंधित रहने से बहुत परेशानी हुई। मनमाना किराया वसूला गया। भेड़ाघाट रूट पर लोगों को आसानी से वाहन नहीं मिल सके।

गंजताल मेला में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़
मझोली तहसील की ग्राम पंचायत गंजताल में मकर संक्रांति मेला शुरू हो गया। मेले की शुरूआत सुबह भगवान शंकर के प्राचीन मंदिर में पूजा- अर्चना के साथ हुआ। आसपास के एक एक दर्जन से अधिक लोगों के ग्रामीण मेला में पहूचते हैं। मेला स्थल पर भीड़ को देखते हुए पुलिस ने अस्थायी थाना बनाया है। ग्रामीणों की मानें तो ग्राम का नाम गंजताल यहां स्थित करीब दो सौ साल पुराने 20 एकड़ में फैले तालाब के कारण पड़ा। गांव के इस तालाब की खासियत यह है कि भीषण गर्मी में ये तालाब कभी सूखता नही है।




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