प्रमुख सचिव ने तलब किए 44 लाख के बिजली बिल घोटाले के दस्तावेज

प्रमुख सचिव ने तलब किए 44 लाख के बिजली बिल घोटाले के दस्तावेज

Mukesh Gaur | Publish: Feb, 15 2018 07:00:00 AM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

एमडी के निर्देश के बाद विभागीय कार्रवाई सहित एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी

जबलपुर. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के अंतर्गत हुए ४४ लाख् रुपए के बिल घोटाले के मामले की जानकारी ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव आईसीपी केसरी ने भी मांगी है। एमडी को मामले में आरोपितों के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। चीफ इंजीनियर के निर्देश पर गठित जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट मंगलवार को सौंप दी है। इसमें पुरवा उप संभाग में पदस्थ लाइनमैन शिवदेव कुशवाहा, उसके कम्प्यूटर ऑपरेटर बेटे आशीष कुशवाहा सहित दो लाइनमैन, संविदा पर कार्यरत रीडर, ठेका श्रमिक सहित चार बाहरी लोगों की मिलीभगत को उजागर किया गया है। मामले में एई सहित सात विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और संलिप्तता बताई गई है।
सिटी सर्किल के दक्षिण सम्भाग अंतर्गत पुरवा उपसम्भाग से जुड़े इस बिल घोटाले की जांच रिपोर्ट में सीसीएनबी सिस्टम की सिक्योरिटी को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं। अप्रैल २०१७ में रिटायर्ड लिपिक गनपत सिंह ठाकुर की आईडी व पासवर्ड लॉक न करने के मामले में तत्कालीन एई की लापरवाही बताई गई है।


पहले से चल रहा फर्जीवाड़ा
इस घोटाले की जांच भले ही अप्रैल २०१७ से अब तक कई हो, लेकिन सूत्रों की मानें तो यह खेल लम्बे समय से चल रहा है। गनपत सिंह के कार्यकाल में भी उनकी आईडी का दुरुपयोग होने की बात कही जा रही है।


ये है मामला
पुरवा सहित हनुमानताल व सिविल लाइंस के लगभग ६५० उपभोक्ताओं की रकम अप्रैल २०१७ से इस घोटाले में शामिल आरोपित हजम करते आ रहे थे। घोटालेबाज बकायादारों की सूची लेकर बिल वसूली के लिए जाते। इस रकम को रिटायर्ड लिपिक गनपत सिंह ठाकुर की आईडी व पासवर्ड के जरिए फर्जी तौर पर सीसीएनबी सिस्टम में भुगतान होना दर्शा देते थे।

 

स्पॉट बिलिंग से मिला कमाई का मौका
शहर में फेडको द्वारा स्पॉट बिलिंग के बाद उपभोक्ताओं को भेजे गए भारी-भरकम बिल ने इस गिरोह को कमाई का अवसर दिया। टीम के लोग अधिक राशि वाले उपभोक्ता के यहां बिल काटने पहुंचते। फिर ७० प्रतिशत पर समझौता होता था। लाइन काटने में तीनों लाइनमैन समेत बाहरी लोग भी मौजूद रहते थे।

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