scriptprivate pathology lab locked after fake RT PCR report | मरीज बनकर निजी पैथोलॉजी लैब गए डॉक्टर, लगवा दिया ताला | Patrika News

मरीज बनकर निजी पैथोलॉजी लैब गए डॉक्टर, लगवा दिया ताला

जांच में खुलासा
कई निजी पैथोलॉजी लैब बिना जांच के दे रहे थे कोविड रिपोर्ट
दो घंटे में दे देते थे आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट

जबलपुर

Published: December 18, 2021 01:12:04 pm

जबलपुर। कोरोना में अस्पतालों की लूट के बाद अब प्राइवेट पैथोलॉजी लैब का भी कारनामा उजागर हुआ है। मोटी कमाई के लालच में कई पैथोलॉजी केन्द्र कोरोना जांच में भी खेल कर रहे थे। ज्यादा रकम लेकर लोगों को मनमाफिक कोविड जांच रिपोर्ट दे रहे थे।

RT PCR TEST
RT PCR TEST

नियमों को ताक पर रखकर जांच
शहर में प्राइवेट पैथोलॉजी केन्द्रों की लूट और नियमों को ताक पर रखकर जांच रिपोर्ट बनाने का खुलासा स्वास्थ्य विभाग की ओर से कराई गई जांच में हुआ है। करीब 10 दिन तक चली जांच में दो डॉक्टरों की टीम ने निजी पैथोलॉजी और उनके कलेक्शन एवं पिकअप सेंटर में जाकर अचानक निरीक्षण किया। इसमें पता चला कि निर्धारित शुल्क से चार से पांच गुना तक राशि लेकर दो घंटे में कोविड जांच रिपोर्ट बनाई जा रही है। कुछ मामलों में बिना परीक्षण के ही जांच रिपोर्ट थमा दी गई है। हवाईयात्रा, भर्ती परीक्षा सहित कई स्थानों पर कोविड आरटीपीसीआर रिपोर्ट की अनिवार्यता की लोगों की मजबूरी का पैथोलॉजी केद्रों ने फायदा उठाया। एक दवा दुकान में पैथोलॉजी केन्द्र शुरू कर दिया। कोविड जांच के लिए भी सेंपल एकत्रित करने लगे।

ये सेंटर बंद कराए
यादव कॉलोनी स्थित राघव मेडिकल स्टोर में संचालित पैथोलॉजी कलेक्शन सेंटर को तुरंत बंद करा दिया गया है। मामले में औषधि विभाग की ओर से भी शुक्रवार को संचालक को नोटिस जारी किया गया है। एसआरएल के गंगानगर संचालित सेंटर और सबअर्बन के विजय नगर में चल रहे सेंटर को भी अनियमितता पर बंद कराया गया है। जांच में कुछ पैथोलॉजी लैब के अनाधिकृत कई कलेक्शन सेंटर संचालित मिलें हैं।

RT PCR
IMAGE CREDIT: Tamil Nadu’s corona testing highest pan India

खुद मरीज बनकर गए और पकड़ी गड़बड़ी
अवैध रुप से कोविड जांच करने वाले पैथोलॉजी सेंटर में जांच टीम के अधिकारी खुद मरीज बनकर गए। ज्यादातर केन्द्रों में कोविड प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई जा रही थी। यादव कॉलोनी स्थित राघव मेडिकोज में सांई पैथोलॉजी का बोर्ड टंगा था। अंदर जाकर अधिकारियों ने कोविड जांच के लिए आने की बात कही तो दुकान का कर्मी ही आरटीपीसीआर के लिए नमूना लेने लगा।

यह है स्थिति
4 हजार रुपए तक कोविड जांच शुल्क वसूला गया।
2 घंटे में निगेटिव रिपोर्ट दे दी।
5-6 घंटे कम से कम आरटीपीसी जांच में लगते हैं।

पंजीयन के लिए दल गठित
स्वास्थ्य विभाग की जांच में गड़बडिय़ां मिलने के बाद सभी पैथोलॉजी लैब को तुरंत पंजीयन एवं आवश्यक अनुमति प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। शुक्रवार को कई लैब के संचालक दस्तोवजों के साथ जिला अस्पताल पहुंचें। इनकी सुविधा के लिए कार्यालय में पंजीयन संंबंधी पड़ताल और नए पंजीयन जनरेट करने के लिए एक दल का गठित किया है।

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